
लखीसराय डीएम का ट्रांसफर: बिहार की नीतीश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए लखीसराय के जिलाधिकारी (डीएम) मिथिलेश मिश्र को उनके पद से हटा दिया है। इस अचानक हुए लखीसराय डीएम के ट्रांसफर के बाद राज्य के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है, क्योंकि यह कार्रवाई धान खरीद में कथित गंभीर गड़बड़ियों के आरोपों के बाद की गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए, जिसमें मिथिलेश मिश्र को तत्काल प्रभाव से पटना स्थित सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी मिथिलेश मिश्र लखीसराय में लगभग डेढ़ साल से तैनात थे, जिनकी नियुक्ति सितंबर 2024 में हुई थी।
लखीसराय डीएम का ट्रांसफर: क्यों हुई कार्रवाई?
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई धान खरीद में गड़बड़ी के बड़े पैमाने पर हुए आरोपों के बाद की गई है। पिछले सप्ताह ही उनके खिलाफ धान खरीद में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई थी। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया था कि यह कार्यवाही धान/चावल अधिप्राप्ति वर्ष 2025-26 के दौरान अतिरिक्त लक्ष्य के आवंटन में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
लखीसराय जिले के लिए धान खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य 47,235 मीट्रिक टन निर्धारित था। इसके अतिरिक्त 8000 एमटी का अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किया गया था, जिसके वितरण में गंभीर गड़बड़ियों की शिकायतें मिलीं। राज्य के सहकारिता विभाग द्वारा इस मामले की गहन जांच की गई।
डीएम का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं
जांच के दौरान, तत्कालीन जिला पदाधिकारी (मिथिलेश मिश्र) से स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसे उन्होंने 24 मार्च 2026 को प्रस्तुत किया। हालांकि, विभागीय समीक्षा में उनके द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया कई अनियमितताएं सामने आई हैं। समीक्षा में यह भी पाया गया कि तत्कालीन डीएम मिथिलेश मिश्र ने जो औचित्य प्रस्तुत किए, वे अभिलेखीय तथ्यों से मेल नहीं खाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 अप्रैल को जारी आदेश में कहा था कि इससे यह संकेत मिलता है कि निर्णय प्रक्रिया में अपेक्षित प्रशासनिक सतर्कता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने इसे अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली, 1968 के तहत कदाचार की श्रेणी में माना है। अब अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के तहत मिथिलेश मिश्र के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का फैसला लिया गया है।
आगे क्या?
मिथिलेश मिश्र की जगह लखीसराय के अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सह अपर समाहर्ता नीरज को डीएम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। इस अचानक हुए लखीसराय डीएम के ट्रांसफर से जिले और सियासी गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस मामले में विस्तृत जांच जारी रहेगी।







