
Bihar Arms License: बिहार में अब हथियार लाइसेंस बनवाना पहले जैसा जटिल और समयसाध्य नहीं रहेगा! गृह विभाग ने इस प्रक्रिया को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है, जिसके बाद लंबित आवेदनों का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर करना अनिवार्य हो गया है। यह कदम प्रशासनिक सुस्ती पर लगाम लगाने और आवेदकों को समय पर लाइसेंस उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया है।
तेजी से निपटाएं लंबित Bihar Arms License मामले
गृह विभाग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शस्त्र लाइसेंस के सभी आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाए जाएं। अब किसी भी आवेदन को लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जा सकेगा। पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद आवेदक की आवश्यकता का आकलन करते हुए समय पर निर्णय लेना होगा। पहले फाइलें महीनों तक अटकी रहती थीं, लेकिन अब इस स्थिति को बदलने की कोशिश की जा रही है। विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को नियमित रूप से मॉनिटर करने का भी फैसला किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सभी जिलों से हर महीने की सात तारीख तक रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट में कुल प्राप्त आवेदन, निपटाए गए आवेदन और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित आवेदनों की संख्या का विवरण देना होगा। इस बार रिपोर्टिंग का फॉर्मेट भी तय किया गया है, ताकि पूरे राज्य की स्थिति को एक समान तरीके से समझा जा सके। इसके साथ ही, पुलिस रिपोर्ट देने में भी देरी न करने की सख्त हिदायत दी गई है। शस्त्र लाइसेंस आवेदन या नवीकरण के लिए पुलिस की रिपोर्ट तय समय में देना अनिवार्य होगा, तभी आगे की प्रक्रिया बढ़ पाएगी।
जिलों में शुरू हुई समीक्षा, तय होगी जवाबदेही
गृह विभाग ने अधिकारियों को आयुध नियम, 2016 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने को कहा है, विशेषकर नियम 13 और 14 के तहत लाइसेंस से जुड़े मामलों को तय समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया है। यह कदम पूरी प्रक्रिया को नियम-आधारित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस आदेश के बाद जिलों में लंबित फाइलों की समीक्षा शुरू हो गई है और प्रशासनिक स्तर पर देरी के कारणों की पहचान की जा रही है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में Bihar Arms License से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। शस्त्र लाइसेंस आवेदन की संख्या अधिक होने के कारण कई जगहों पर प्रक्रिया धीमी पड़ जाती थी, जिससे आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब समय-सीमा तय होने के बाद उम्मीद है कि आवेदकों को निर्धारित अवधि में जवाब मिल सकेगा। फिलहाल, सभी जिलों को निर्देश भेज दिए गए हैं और आने वाले महीनों में इसकी निगरानी भी की जाएगी। इससे यह साफ है कि अब Bihar Arms License प्रक्रिया में देरी को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/







