
Bihar PNG Connection: बिहार में अब रसोई गैस सिलेंडर ढोने और उसके खत्म होने की चिंता से आजादी मिलने वाली है! नीतीश सरकार ने घरों तक पाइप से गैस पहुंचाने की योजना को पंख लगा दिए हैं। राज्य में लाखों घरों तक स्वच्छ और सुरक्षित पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती और निर्बाध गैस आपूर्ति मिलेगी। यह पहल राज्य में ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने और लोगों की रसोई को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेसी सिंह ने हाल ही में बताया कि बिहार में फिलहाल 99,346 घरों में पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं। इसके अलावा 55,025 घर ऐसे हैं जहाँ कनेक्शन लगाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और बहुत जल्द आपूर्ति शुरू हो जाएगी। लगभग 3.39 लाख घरों तक पाइपलाइन नेटवर्क और अन्य आधारभूत संरचनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे आने वाले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में परिवारों को पीएनजी की सुविधा मिल पाएगी। सरकार का मानना है कि पीएनजी के इस विस्तार से शहरी गैस वितरण व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और भंडारण जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और शादी-ब्याह जैसे आयोजनों के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं।
एक लाख से अधिक घरों में पहुंचा PNG, 4 लाख नए कनेक्शन की तैयारी
राज्य में पीएनजी और सीएनजी के वितरण के लिए केंद्र सरकार ने छह तेल विपणन कंपनियों को अधिकृत किया है। ये कंपनियाँ अलग-अलग जिलों में गैस वितरण नेटवर्क विकसित कर रही हैं।
- पटना में गेल (GAIL)
- बांका में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)
- बेगूसराय में थिंक गैस (Think Gas)
- गया और नालंदा में इंडियन ऑयल-अदाणी गैस प्राइवेट लिमिटेड (IOAGPL)
- दरभंगा, गोपालगंज, मधुबनी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान तथा सुपौल जिलों में बीपीसीएल (BPCL)
- शेष 24 जिलों में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL)
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष पीएनजी कनेक्शन की औसत गति लगभग तीन से साढ़े तीन हजार प्रति माह थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर आठ हजार कनेक्शन प्रति माह हो गई है। फिलहाल राज्य के 17 जिलों में पाइपलाइन के जरिए गैस की आपूर्ति शुरू हो चुकी है, और धीरे-धीरे अन्य जिलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
गैस वितरण का व्यापक नेटवर्क और सरकार की रणनीति
सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए डिजिटल व्यवस्था भी लागू की है। अब घरेलू गैस उपभोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा, गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए राज्यभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। अब तक 25,560 निरीक्षण किए गए हैं, जिनमें 1,662 सिलेंडर जब्त किए गए और 114 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सुविधा और सुरक्षा: डिजिटल प्रक्रिया और कालाबाजारी पर नकेल
यह योजना Bihar PNG Connection को बढ़ावा देने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उपभोक्ताओं को अब सिलेंडर बदलने की झंझट से मुक्ति मिलेगी और उन्हें एक विश्वसनीय तथा किफायती ऊर्जा स्रोत उपलब्ध होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







