spot_img

Bihar News: बिहार में पंचायत सचिव हड़ताल पर: ग्रामीण कामकाज ठप, जनता बेहाल!

spot_img
- Advertisement -

Panchayat Sachiv Strike: बिहार में सरकारी कामकाज का पहिया एक बार फिर अटक गया है। पहले राजस्व कर्मी, फिर सीओ-आरओ और अब पंचायत सचिव भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता की मुसीबतें बढ़ गई हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर पेंशन वितरण तक सब कुछ ठप पड़ा है।

- Advertisement -

बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर 8 अप्रैल 2026 से शुरू हुई इस हड़ताल ने पूरे राज्य में ग्रामीण कामकाज को लगभग ठप कर दिया है। पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड और अंचल स्तर तक जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन वितरण, राशन कार्ड संबंधी कार्य, विभिन्न विकास योजनाओं का क्रियान्वयन और अन्य आवश्यक जनसेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सरकार और संघ के बीच चल रही वार्ता विफल होने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं।

- Advertisement -

पंचायत सचिवों की प्रमुख मांगें

संघ ने अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर यह आंदोलन छेड़ा है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

- Advertisement -
  • 2005 पंचायत सचिवों का अंतर-जिला स्थानांतरण एवं पदस्थापन पत्र तत्काल जारी किया जाए।
  • शैक्षणिक योग्यता स्नातक करते हुए पदनाम जी.पी.आर.ओ. (Gram Panchayat Rural Officer) किया जाए।
  • ग्रेड पे को संशोधित कर 4200 रुपये किया जाए।
  • 2000 रुपये परिवहन भत्ता प्रदान किया जाए।
  • प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी पद पर प्रोन्नति में 55 वर्ष की उम्र सीमा समाप्त की जाए।
यह भी पढ़ें:  Bihar News : बिहार में जीविका दीदी के लिए 'बीमा सुरक्षा उत्सव' का आगाज, 1 करोड़ महिलाओं को मिलेगा Jeevika Didi Insurance, 4 लाख तक का सुरक्षा कवच

संघ का आरोप है कि सरकार ने इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और लगातार वादाखिलाफी कर रही है।

जनता पर पंचायत सचिव हड़ताल का असर

यह पहला मौका नहीं है जब बिहार में सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ है। इससे पहले फरवरी-मार्च 2026 से राजस्व कर्मचारियों और सीओ-आरओ की भी हड़ताल चल रही थी, जिससे भूमि नापी, दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए थे। उस समय सरकार ने प्लान-बी के तहत पंचायत सचिवों और बीडीओ को अतिरिक्त प्रभार सौंपकर किसी तरह काम चलाने की कोशिश की थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। लेकिन अब पंचायत सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से वह वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है।

ग्रामीण इलाकों में आम नागरिकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। पेंशन, राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग प्रखंड कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। विकास योजनाओं से जुड़े कार्य भी रुक गए हैं, जिससे पंचायत स्तर पर कई परियोजनाएं अधर में लटक गई हैं। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं हुई है, जिससे जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। पंचायत सचिव संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, यह पंचायत सचिव हड़ताल जारी रहेगी।

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar Politics: बिहार MLC उपचुनाव, भोजपुर-बक्सर सीट और गर्म सियासत, जानें पूरा शेड्यूल, क्या है इक्वेशन!

बिहार एमएलसी उपचुनाव: बिहार की सियासत में एक बार फिर गर्माहट आ गई है।...

Bihar News: बिजली बिल पर नई व्यवस्था ‘टाइम ऑफ डे टैरिफ’ लागू, पढ़िए 3 फेज में बटुआ साफ!

बिजली बिल: बिहार में अब बिजली का इस्तेमाल करना आपके लिए बचत का नया...

Bihar Politics: रोहिणी आचार्य का CM Nitish पर कटाक्ष- भुगतना पड़ गया ना चाचा जी …! एक – दो दिन में छिन जाएगी कुर्सी.....

बिहार पॉलिटिक्स: बिहार की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त गहमागहमी है। खरमास खत्म होते...