
बिहार पॉलिटिक्स: बिहार की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त गहमागहमी है। खरमास खत्म होते ही सरकार के गठन की अटकलें तेज हो गई हैं, और इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली रवाना हो गए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा और जदयू के कई बड़े नेता शामिल होंगे। सीएम नीतीश 10 अप्रैल को शपथ लेंगे और 13 तारीख के बाद बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इधर, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की चर्चित बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने चाचा यानि नीतीश कुमार पर चुटकी भरे अंदाज में कटाक्ष लिखा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बनकर भीगी बिल्ली, चाचा चले गए आज दिल्ली
रोहिणी आचार्य ने लिखा है,बन कर भीगी बिल्ली, चाचा चले गए आज दिल्ली ..सही कहा गया है ” मौकापरस्ती और धोखा बिना भुगतान के पीछा नहीं छोड़ते” .. भुगतना पड़ गया ना चाचा जी .. ! .. एक – दो दिन में छिन जाएगी कुर्सी और टूट जाएगा नाता सियासत – ए – बिहार से , काश आप रह पाते बिना पलटीमार के ..!!
राज्यसभा में शपथ ग्रहण और नई सरकार का रोडमैप
पिछले कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में खरमास के बाद बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। संजय झा ने बताया कि 10 अप्रैल को लगभग 12:15 बजे सीएम नीतीश शपथ ग्रहण करेंगे और फिर पटना लौट आएंगे। इसके बाद ही प्रदेश में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो पाएगी।
नीतीश कुमार दिल्ली: बिहार में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक दिल्ली पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। हर कोई जानना चाहता है कि इस दौरे के पीछे आखिर क्या बड़ी वजह है, जो बिहार की सत्ता के समीकरणों को बदल सकती है?
गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू के वरिष्ठ नेता संजय झा के साथ दिल्ली पहुंचे। यह दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब राज्य में सत्ता के अगले चरण को लेकर अटकलें तेज हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, जो पहले से तय कार्यक्रम है।
नीतीश कुमार दिल्ली दौरे के गहरे मायने
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार दिल्ली में सिर्फ शपथ ग्रहण के लिए नहीं हैं, बल्कि यह दौरा बिहार की भविष्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। राजधानी दिल्ली में उनकी मौजूदगी को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे बड़े राजनीतिक फैसलों से जोड़कर देखा जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बताया जा रहा है कि वे 11 अप्रैल को वापस पटना लौट सकते हैं, जिसके बाद राज्य में आगे की राजनीतिक प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। जदयू की ओर से भी इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण बताया गया है। संजय झा ने संकेत दिया कि शपथ ग्रहण के बाद आगे की प्रक्रिया तय समय के अनुसार होगी और 13 अप्रैल के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
पटना में राजनीतिक पोस्टरबाजी का शोर
नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे का असर राजधानी पटना में भी साफ दिख रहा है। शहर में कई जगहों पर राजनीतिक पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में लगे पोस्टर विशेष रूप से चर्चा का विषय बने हुए हैं। बिहार की राजनीति में इस समय सत्ता के अगले चरण को लेकर ‘काउंटडाउन’ जैसा माहौल है। अलग-अलग स्तर पर बैठकों और बातचीत की चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
मंत्रियों के बयान और सियासी मायने
दिल्ली रवाना होने से पहले, मंत्री विजय चौधरी ने बिहार में नई सरकार के गठन के सवाल पर कहा कि ‘अभी तो नीतीश कुमार ही हैं। उन्होंने अभी इस्तीफा कहां दिया है? इस्तीफे के बाद ही कुछ होगा।’ एयरपोर्ट पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने भी मीडिया से बातचीत की। सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे पर रामकृपाल यादव ने कहा कि ‘वह तो अक्सर दिल्ली जाते रहते हैं। यह कोई नई बात नहीं है।’ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इन बयानों से बिहार पॉलिटिक्स में चल रही कयासबाजियों को और हवा मिली है।
फिलहाल, सभी की निगाहें 13 अप्रैल के बाद होने वाले घटनाक्रमों पर टिकी हैं, जब बिहार में राजनीतिक समीकरण स्पष्ट होंगे और बिहार पॉलिटिक्स एक नया मोड़ लेगी।
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