
Crime Control: भागलपुर में अपराधों का ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है, जिससे आम जनता में डर का माहौल है। इसी बढ़ती चिंता के बीच, जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक ने एक मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया और सभी अधिकारियों को सख्त तेवर में काम करने के निर्देश दिए। इस बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
भागलपुर में Crime Control एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जिले में बढ़ते अपराधों को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और अनुसंधान कार्यों की विस्तृत समीक्षा करना था।
अपराध नियंत्रण: SSP ने क्या-क्या निर्देश दिए?
वरीय पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, कंप्यूटर संचालन, ई-साक्ष्य ऐप और विभिन्न पोर्टलों पर दक्षता के साथ काम करने पर जोर दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। शहरी क्षेत्रों में बढ़ती बाइक चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने और ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश जारी किए गए। इसके अलावा, थानों में आने वाले पीड़ितों की शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी गई, ताकि जनता का पुलिस पर विश्वास बना रहे।
बाइक चोरी और भूमि विवाद पर विशेष फोकस
बैठक में बताया गया कि मार्च 2026 में कुल 813 कांडों के विरुद्ध 1122 कांडों का निष्पादन किया गया। लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने, वांछित अपराधियों को गिरफ्तार करने और जमानत पर छूटे अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने फरार अभियुक्तों के खिलाफ वारंट प्राप्त कर कार्रवाई तेज करने और गंभीर मामलों में त्वरित अनुसंधान कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय से ही Crime Control संभव है। आईटी एक्ट से जुड़े मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर प्रभावी जांच करने, भूमि विवाद के मामलों का तेजी से निपटारा करने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्ती बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। यह सभी कदम जिले की विधि-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे हैं।
लंबित मामलों का निपटारा और पुलिस दक्षता
पुलिस कर्मियों के टर्नआउट (वर्दी की व्यवस्था), थानों की साफ-सफाई और CCTNS व अन्य पोर्टलों पर समय से प्रविष्टि सुनिश्चित करने को भी प्राथमिकता दी गई। इस बैठक के माध्यम से जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराध पर नियंत्रण के लिए एक ठोस रणनीति तय की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







