
बिहार की राजनीति: इस समय पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा हाई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा व सम्राट चौधरी की मौजूदगी ने नई सरकार के गठन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। क्या वाकई 15 अप्रैल को बिहार में एक नए अध्याय की शुरुआत होने वाली है, या यह सिर्फ एक राजनीतिक दांवपेच है?
बिहार की राजनीति का नया मोड़: दिल्ली में बैठकों का दौर जारी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में नई सरकार के गठन को लेकर लगातार अहम बैठकें चल रही हैं। चर्चा है कि 10 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे, लेकिन सियासी गलियारों में इससे भी बड़ी बात यह है कि वे 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, अगले मुख्यमंत्री कौन होंगे, इस पर सस्पेंस बरकरार है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पप्पू यादव का नीतीश सरकार और BJP पर तीखा हमला
इसी बीच, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सुपौल दौरे पर पहुंचते ही बिहार की राजनीति को और गरमा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता ने उन्हें बिहार में रहकर काम करने का जनादेश दिया था, लेकिन वे दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “अंधे को जगाने से क्या फायदा, बहरे को सुनाने से क्या फायदा।” उनके मुताबिक, प्रदेश में सरकार नाम की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है और प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह चरमरा गया है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में इंस्पेक्टर राज, अपराधियों का प्रभाव, भ्रष्टाचारियों का दबदबा और आतंक का माहौल है। आम लोगों को न ब्लॉक स्तर पर न्याय मिल रहा है और न ही थानों में उनकी सुनवाई हो रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बिहार की राजनीति पर सवाल
भाजपा पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पार्टी ने बिहार की जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक रणनीति के तहत जबरदस्ती नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने की कोशिश की है, जो जनता के साथ धोखा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पहले भी कई क्षेत्रीय नेताओं के साथ ऐसी राजनीतिक चालें चल चुकी है और भविष्य में अन्य नेताओं के साथ भी ऐसा हो सकता है। सांसद ने इस बात पर भी चिंता जताई कि बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उनके मुताबिक, प्रदेश में आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। छोटी-छोटी बातों पर हत्या और हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने फारबिसगंज में हुई हालिया हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि मामूली विवाद में एक व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी गई, जो प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है। पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर आर्थिक मदद की ताकि वे दोबारा अपना जीवन और व्यापार शुरू कर सकें। उन्होंने स्थानीय थाना प्रभारी और डीएसपी से बात की, जिन्होंने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।






