
सरकारी कामकाज: दरभंगा के जाले प्रखंड में सरकारी दफ्तरों का हाल बेहाल है। स्थायी कर्मचारियों की हड़ताल और स्टाफ की भारी कमी ने व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है, जिससे आम जनता के काम अटक गए हैं।
जाले प्रखंड सह अंचल कार्यालय में स्थायी कर्मियों की हड़ताल से सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पहले राजस्व कर्मचारियों और अब पंचायत सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से क्षेत्रीय कार्य लगभग ठप पड़ गया है। प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार ने बताया कि वर्तमान में आवास सहायक, स्वच्छता कर्मी, पंचायत क्लर्क, किसान सलाहकार व पीआरएस जैसे संविदा कर्मियों के भरोसे ही काम चलाया जा रहा है। इससे कार्यों के निष्पादन में भारी कठिनाई हो रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कर्मचारियों की कमी से सरकारी कामकाज पर असर
जानकारी के अनुसार, राजस्व कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद सीओ और आरओ का प्रभार भी प्रभारी बीडीओ को दिया गया था। वहीं, पंचायत सचिवों को पंचायती राज के साथ राजस्व कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अब उनके भी हड़ताल पर चले जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। अंचल में केवल पांच अंचल अमीन कार्यरत हैं, जिनके पास जमीन मापी के इतने आवेदन लंबित हैं कि अगले 15 दिनों तक का काम पहले से तय है।
कृषि और मनरेगा में भी संकट
कृषि विभाग में भी कर्मचारियों की भारी कमी है। बीएओ प्रेमनाथ सिंह के अनुसार, 13 के स्थान पर सिर्फ सात कृषि समन्वयक कार्यरत हैं, जबकि किसान सलाहकार भी 21 के बदले 14 ही हैं। मनरेगा पीओ रजनीश कुमार ने बताया कि अप्रैल से मनरेगा कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन 21 पंचायतों के लिए 21 पीआरएस की जगह केवल 13 ही पदस्थापित हैं। वहीं, जेई भी सिंघवाड़ा से प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कुल मिलाकर, स्थायी कर्मियों की हड़ताल और कर्मचारियों की कमी के कारण प्रखंड व अंचल की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह दबाव में है और आम लोगों के कार्यों में देरी हो रही है। यह स्थिति सरकारी कामकाज की रफ्तार को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







