
Darbhanga Court Bail: दरभंगा सिविल कोर्ट से अपराधियों को बड़ा झटका लगा है। न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपितों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अपहरण से लेकर ब्लैकमेल और प्राणलेवा हमले तक के संगीन जुर्म में लिप्त अभियुक्तों को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली।
सिविल कोर्ट, दरभंगा के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने प्राणलेवा हमला और लूटपाट के आरोप से जुड़े लहेरियासराय थानाकांड संख्या 751/25 में मदारपुर निवासी आनंद कुमार उर्फ चिंटू की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। इसी मामले में एक अन्य आरोपी प्रकाश कुमार की अग्रिम जमानत याचिका निष्पादित कर दी गई। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने इन आपराधिक मामले की गंभीरता पर जोर दिया।
ब्लैकमेल और अपहरण के मामलों में भी दरभंगा कोर्ट बेल नहीं
महिला थानाकांड संख्या 184/25, जो मकान मालिक के बेटे द्वारा एक शिक्षिका का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने के आरोप में दर्ज हुआ था, उसमें आरोपी पिता-पुत्र नंद किशोर मेहता और राम मेहता की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ये सभी गंभीर आपराधिक मामले हैं जिनकी सुनवाई में कोर्ट ने सख्ती बरती है।
अपहरण के तीन अलग-अलग मामलों में भी झटका
न्यायाधीश पाण्डेय की कोर्ट ने शादी का झांसा देकर अपहरण के आरोप में नेहरा थानाकांड संख्या 108/25 के आरोपी शाहबाज खान और सैफ अली खान की अग्रिम जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी। इसके अलावा, हायाघाट थानाकांड संख्या 192/25 में अपहरण के संगीन जुर्म के आरोपी गगन कुमार झा को भी अग्रिम जमानत नहीं मिली। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
दरभंगा कोर्ट बेल से जुड़ी इन ताजा घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों को आसानी से न्यायिक राहत नहीं मिलेगी। कोर्ट ने सभी मामलों में साक्ष्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
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