
SSC CGL: बिहार के दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो संघर्ष और सफलता की एक नई मिसाल पेश करती है। जड़ी-बूटी बेचकर गुजर-बसर करने वाले एक पिता के बेटे अमन कुमार गुप्ता ने कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। उनकी यह उपलब्धि न केवल परिवार के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है।
केवटी प्रखंड के रनवे गांव निवासी जीवछ प्रसाद गुप्ता और माता सुनीता देवी के पुत्र अमन कुमार गुप्ता ने SSC CGL परीक्षा पास कर अपने माता-पिता और इलाके का नाम रोशन किया है। उनके पिता हाट पर जड़ी-बूटी बेचने का काम करते हैं, जबकि माता एक कुशल गृहिणी हैं। अमन को इस परीक्षा में सफलता के बाद आयकर विभाग में कार्यालय अधीक्षक (OS) पद के लिए चुना गया है।
SSC CGL: संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी
अमन ने अपनी इस शानदार उपलब्धि का श्रेय अपनी दादी मो. गंगिया देवी के आशीर्वाद और माता-पिता के कुशल मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने बताया कि घर की माली हालत ठीक नहीं थी। पिता हाट पर जड़ी-बूटी बेचकर परिवार चलाते थे और पढ़ाई के संसाधनों का भी अभाव था। इन सभी चुनौतियों के बावजूद, अमन ने लक्ष्य साधकर कड़ी मेहनत की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
अमन की यह सफलता सिर्फ आयकर विभाग में चयन तक सीमित नहीं है। उन्होंने इससे पहले आईबीपीएस क्लर्क 2025, आरआरबी क्लर्क 2025 और डीएसएसएसबी कनीय सहायक 2025 जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की थी। उनके अनुसार, सरकारी नौकरी प्राप्त करना उनका बचपन का सपना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अमन की अकादमिक यात्रा और परिवार का सहयोग
अमन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी शानदार रही है। उन्होंने मैट्रिक में 81.4%, इंटरमीडिएट साइंस में 85.4% और बीएससी (फिजिक्स) में 78.75% अंक प्राप्त किए थे। अमन के बड़े भाई मनीष कुमार गुप्ता कटक बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं, जो परिवार की स्थिति सुधारने में सहायक रहे हैं। उनके दो छोटे भाई, सुमन बीए के छात्र हैं और शुभम बारहवीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। यह दिखाता है कि परिवार में शिक्षा और कड़ी मेहनत को कितना महत्व दिया जाता है।
अमन का मानना है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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