
Darbhanga के बेनीपुर में एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। अनुमंडल क्षेत्र में कुकुरमुत्ते की तरह फैले अवैध नर्सिंग होमों के गोरखधंधे के कारण सड़क किनारे विकसित भ्रूण मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है।
घटना बेनीपुर पेट्रोल पंप के सामने की है, जहां अहले सुबह सड़क किनारे एक विकसित भ्रूण पड़ा मिला। इस अमानवीय कृत्य को देखकर स्थानीय लोगों में कानाफूसी शुरू हो गई और उन्होंने तुरंत बहेड़ा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच कर भ्रूण को उठाया और अज्ञात स्थान पर गड्ढा खोदकर दफना दिया।
यह बेनीपुर घटना स्थानीय लोगों के लिए कोई नई बात नहीं है। कुछ समय पहले भी टीबी जांच केंद्र के समीप इसी तरह एक विकसित भ्रूण फेंका हुआ पाया गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि इन अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई कब होगी? जानकार सूत्रों की मानें तो इस तरह के कुकृत्यों में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड संचालक और नर्सिंग होम की मिलीभगत साफ तौर पर दिखती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अवैध नर्सिंग होम: मिलीभगत और प्रशासन की चुप्पी
हालांकि, स्थानीय प्रशासन इन अवैध संचालकों के बारे में सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता वी पी सिंह समेत कई अन्य लोगों ने पहले भी इन अवैध संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किए हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा जानबूझकर ऐसे मामलों को दबाने में जुट जाता है।
दिखावे के लिए इक्का-दुक्का नर्सिंग होम या अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापेमारी की जाती है, लेकिन बाकी सेंटर, जांच घर और नर्सिंग होम ताला लगाकर फरार हो जाते हैं। दो-चार दिनों के बाद ही उनका यह गोरखधंधा फिर से संचालित होने लगता है, जिसे देखने वाला कोई नहीं है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को और बढ़ावा मिल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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