
Cyber Fraud: बिहार के भागलपुर में ऑनलाइन ठगी का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए पुलिस प्रशासन अब कमर कस चुका है। इसी कड़ी में भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार ने पोस्टल डिपार्टमेंट के अधिकारियों और पोस्टमैन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। उन्होंने साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश दिए, जिनकी जानकारी पोस्टमैन और डाक कर्मचारियों को दी गई।
डाक विभाग की अहम भूमिका
आईजी विवेक कुमार ने पोस्टल विभाग के ईस्टर्न रीजन से जुड़े 14 जिलों से आए डाक अधीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पोस्ट ऑफिस में खोले गए खातों के माध्यम से किसी भी प्रकार का साइबर फ्रॉड न हो, यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण स्तर पर पोस्टमैन और डाक कर्मचारी लोगों के सबसे करीब होते हैं, इसलिए उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। वे सीधे जनता से जुड़े होते हैं और उन्हें आसानी से जागरूक कर सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने ग्राहकों को लगातार जागरूक करते रहें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस के साइबर सेल को दें। पुलिस विभाग का साइबर सेल हर परिस्थिति में पोस्टल विभाग के साथ खड़ा है और हर संभव सहयोग करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
IG विवेक कुमार का साइबर फ्रॉड पर अलर्ट और निर्देश
आईजी विवेक कुमार ने स्पष्ट किया कि आजकल साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे में पोस्टमैन और डाक कर्मचारियों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी पोस्ट ऑफिस खाता धारक यदि किसी असामान्य गतिविधि या संदिग्ध लेनदेन की सूचना देता है, तो उसे गंभीरता से लिया जाए और तुरंत संबंधित अधिकारी व साइबर सेल को सूचित किया जाए। यह Cyber Fraud को रोकने में बहुत मदद करेगा।
आईजी ने यह भी कहा कि आम जनता को जागरूक करने के लिए पोस्टमैन एक मजबूत कड़ी हैं। उन्हें चाहिए कि वे अपने क्षेत्र के लोगों को बताएं कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और ओटीपी (OTP) किसी को भी न बताएं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस मौके पर साइबर सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए गए।
साइबर ठगी से बचने के लिए सुझाव
- अज्ञात नंबरों से आने वाले कॉल्स या मैसेज से सावधान रहें।
- किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें।
- बैंक या किसी सरकारी संस्थान के नाम पर आने वाले फोन या मैसेज पर अपनी गोपनीय जानकारी जैसे पासवर्ड, पिन या ओटीपी साझा न करें।
- संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस के साइबर सेल या नजदीकी थाने में दें।
इन उपायों को अपनाकर आम नागरिक खुद को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा सकते हैं और सुरक्षित डिजिटल लेनदेन कर सकते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







