
Bihar Police Election: दरभंगा से एक खबर सामने आई है, जिसने बिहार पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। यहां बिहार पुलिस एसोसिएशन के हालिया चुनाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, और अध्यक्ष पद के एक उम्मीदवार ने सीधे तौर पर धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की है।
दरभंगा में हुए बिहार पुलिस एसोसिएशन शाखा के चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी बालाकांत कुमार ने चुनाव में अनियमितता और धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बिहार पुलिस एसोसिएशन और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को पत्र लिखकर चुनाव को रद्द कर दोबारा कराने की मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Bihar Police Election को लेकर क्या हैं आरोप?
बालाकांत कुमार ने अपने पत्र में चुनाव प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
- मुख्य चुनाव पदाधिकारी की अनुपस्थिति में सहायक चुनाव पदाधिकारी गौतम यादव द्वारा चुनाव संपन्न कराया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।
- बालाकांत कुमार की टीम के पोलिंग एजेंटों को मतगणना केंद्र पर रखने से चुनाव पदाधिकारी और पर्यवेक्षक उपेंद्र यादव ने आपत्ति जताई, जिसके कारण उनके पक्ष में कोई एजेंट मौजूद नहीं था।
- जिले में कुल 112 पुलिस पदाधिकारी प्रशिक्षण में थे और लगभग 20 प्रतिशत अवकाश पर थे। रविवार का दिन होने के कारण कार्यालय में कार्यरत पुलिस पदाधिकारी भी चुनाव के दिन उपस्थित नहीं थे। इसके अतिरिक्त, 112 ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारी भी चुनाव में भाग नहीं ले सके।
- इन सभी कारणों से लगभग 250 पुलिस पदाधिकारी चुनाव में शामिल नहीं हो पाए, जिससे मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
- इन सब के बावजूद, चुनाव पदाधिकारी ने दावा किया कि 80 प्रतिशत मतदान पूरा हो चुका है, जो वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता।
किन बिंदुओं पर उठ रहे हैं और सवाल?
बालाकांत कुमार का यह भी आरोप है कि पुलिस निरीक्षकों ने अपने अधीन कार्यरत दारोगाओं पर दबाव बनाकर जबरन अपने पक्ष में वोट डालने के लिए मजबूर किया। उनका कहना है कि इस तरह के कृत्यों से चुनावी धांधली हुई और Bihar Police Election की निष्पक्षता प्रभावित हुई है। उन्होंने इस संबंध में कई अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा की है, जिनमें चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बालाकांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन अनियमितताओं की जांच नहीं होती और दोबारा निष्पक्ष चुनाव नहीं कराए जाते, तब तक वे अपनी मांग पर अडिग रहेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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