
Baby death after vaccination: बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। केवटी प्रखंड के कोठिया पंचायत के वार्ड संख्या 8 में टीकाकरण के बाद 3 माह 20 दिन की एक बच्ची की संदिग्ध मौत हो गई है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
मृतक बच्ची की पहचान अवयांशी कुमारी (पिता – छोटू शर्मा) के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि गलत दवा दिए जाने के कारण बच्ची की मौत हुई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का दावा: टीकाकरण के बाद हुई मौत
परिजनों के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को दिन के करीब 11 बजे आंगनबाड़ी सेविका के घर पर एक एएनएम द्वारा बच्ची को नियमित टीका लगाया गया था। टीकाकरण के साथ ही, यदि बुखार आता है तो देने के लिए एक दवा (टैबलेट) भी परिजनों को दी गई थी।
परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को टीका लगाए जाने के बाद शाम करीब 5 बजे इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन आ गई और बच्ची को तेज बुखार हो गया। इस पर उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका और स्वास्थ्य कर्मियों को फोन किया। उन्हें सलाह दी गई कि जो दवा दी गई थी, उसका चौथाई हिस्सा बच्ची को खिला दें। दवा देने के बाद कुछ देर के लिए बुखार कम हुआ, लेकिन रात में फिर तेज बुखार आ गया।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बताया गया कि रात करीब 10:30 बजे मां ने बच्ची को दूध पिलाकर सुला दिया था। लेकिन शनिवार की सुबह जब मां उठी तो बच्ची मृत पाई गई। परिजनों के अनुसार, बच्ची के हाथ-पैर अकड़ गए थे। इसके बाद उसे आनन-फानन में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की जांच और आधिकारिक बयान
इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली और उन्हें सांत्वना दी। पुलिस की मौजूदगी में बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
परिजनों का आरोप है कि बच्ची को गलत दवा दी गई, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ी और अंततः उसकी जान चली गई। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ चिकित्सक का शुरुआती बयान आया है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद सामान्य साइड इफेक्ट हो सकते हैं, लेकिन किसी भी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गहन जांच आवश्यक है।
इस संबंध में पूछे जाने पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. एनके लाल ने जानकारी दी कि सूचना मिलते ही बीसीएम विनोद साह और आरबीसी स्वास्थ्य टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा गया था। जांच टीम के प्रारंभिक अवलोकन के अनुसार, एक हीं वायल से 13 बच्चों को दवा दी गई थी। डॉ. लाल ने कहा कि यदि दवा का कोई गलत असर होता है, तो वह आधे घंटे के भीतर ही प्रतीत होने लगता है, इसलिए दवा के कारण बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका कम है। उन्होंने यह भी दोहराया कि इस मौत के पीछे के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
यह घटना टीकाकरण की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही पर कई सवाल खड़े करती है। स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है और सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्य से पर्दा उठाएगी।







