
जमुई: खैरा प्रखंड के गिद्धेश्वर शिव मंदिर में भक्ति का अलौकिक नजारा देखने को मिला। सैकड़ों शिव भक्तों की मौजूदगी में यहां विधि-विधान से कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें भगवान शिव का दूध से अभिषेक किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा।
खैरा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध गिद्धेश्वर शिव मंदिर में एक भव्य अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस दौरान खैरा निवासी मुख्य यजमान पबिता देवी ने अपने पूरे परिवार के साथ भगवान भोलेनाथ की विधिवत शिव पूजा की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विद्वान पंडितों ने इस पवित्र अनुष्ठान को संपन्न कराया।
रुद्राभिषेक क्यों है खास?
पबिता देवी ने बताया कि यह पवित्र रुद्राभिषेक घर-परिवार और समाज की खुशहाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह अनुष्ठान न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि जीवन में धन-संपदा, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि भी लाता है। इसके अनेक लाभ हैं:
- नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
- ग्रहों के दोष शांत होते हैं।
- घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- जीवन की बाधाएं कम होती हैं।
- भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है।
- भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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कैसे हुआ भव्य अनुष्ठान?
मुख्य यजमान पबिता देवी ने गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, आक और धतूरे से भगवान शिव का अभिषेक किया। पुजारी रंजीत पांडे और पंकज पांडे ने वैदिक रीति-रिवाज से इस संपूर्ण विधि को संपन्न कराया। इस अनुष्ठान में पबिता देवी के पुत्र सूरज कुमार, शिवम कुमार, नीरज कुमार, भतीजा अभिषेक और बेटी ऋतिका भारती ने भी नियमपूर्वक हिस्सा लिया और भगवान शिव से अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
भक्तिमय माहौल और महाआरती
अनुष्ठान के दौरान सभी शिव भक्त कतारबद्ध होकर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगा रहे थे, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। मंदिर और शिवलिंग को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। अनुष्ठान के समापन पर ‘ओम नमः शिवाय’ के जाप के साथ भव्य महाआरती की गई, जिसमें भारी संख्या में परिजन और सगे-संबंधी उपस्थित रहे।







