
राजद छात्र संगठन: बिहार की सियासत में भूचाल मचाने वाली राष्ट्रीय जनता दल ने अपने छात्र संगठन को अब नया कलेवर दे दिया है। लालू प्रसाद यादव के नाम से जुड़े छात्र राजद का नाम बदल दिया गया है, जिसे अब ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (SSAI) के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने निर्देश का अनुपालन करते हुए किया गया है।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ा यह संगठनात्मक बदलाव सीधे तौर पर संगठन के भविष्य को प्रभावित करेगा। इस नई पहचान की घोषणा पार्टी के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्यों बदला गया राजद छात्र संगठन का नाम?
दरअसल, साल 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि किसी भी छात्र संगठन का नाम सीधे किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा होना चाहिए। इसी आधार पर ‘छात्र राजद’ का नाम बदलकर ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (SSAI) कर दिया गया है। नए नाम के साथ संगठन का मुख्य ध्यान विश्वविद्यालयों में अपनी सक्रियता को बढ़ाने पर रहेगा। तेजस्वी यादव ने बताया कि देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र संगठन सक्रिय हैं और जेएनयू जैसे संस्थानों में तो चुनाव भी लड़े जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि संगठन को एक व्यापक और स्वतंत्र पहचान मिले। इसी उद्देश्य से नाम बदलकर इसे नया स्वरूप दिया गया है।
तेज प्रताप से नवल किशोर तक: संगठन का पुराना स्वरूप
बता दें कि ‘छात्र राजद’ लंबे समय तक पार्टी के भीतर अनौपचारिक रूप से संचालित होता रहा। तेज प्रताप यादव ने वर्ष 2011 से 2025 तक इस संगठन की जिम्मेदारी संभाली। बाद में पार्टी स्तर पर हुए बदलावों के बाद यह जिम्मेदारी उनसे अलग हो गई। इसी वर्ष 6 मार्च को लालू प्रसाद यादव ने संगठन की बिहार इकाई को भंग कर दिया था। इसके बाद संगठन की जिम्मेदारी प्रो. नवल किशोर यादव को सौंपी गई। अब नए नाम और नई ऊर्जा के साथ यह राजद छात्र संगठन फिर से सक्रिय होने को तैयार है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






