
Nitish Kumar: बिहार में नई सरकार के गठन की अटकलों के बीच राजनीतिक पारा हाई है। इसी गहमागहमी के बीच, पटना में JDU कार्यालय से मुख्यमंत्री Nitish Kumar से जुड़े कई पोस्टर हटा दिए गए हैं, जिनमें विधानसभा चुनाव का चर्चित नारा ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’ भी शामिल था। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।
महागठबंधन में शामिल Vikassheel Insaan Party (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोमवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने अभी इस्तीफा भी नहीं दिया है, लेकिन JDU कार्यालय से उनके नाम वाले पोस्टर हटाए जाने लगे हैं। सहनी ने तंज कसते हुए कहा कि आज जो लोग मुख्यमंत्री की तारीफ कर रहे हैं, वही लोग कुछ समय बाद उन्हें याद भी नहीं करेंगे।
Nitish Kumar को राज्यसभा भेजने की चर्चा क्यों?
मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि Bharatiya Janata Party (BJP) की मंशा विधानसभा चुनाव के समय से ही स्पष्ट थी। उन्होंने कहा कि BJP नहीं चाहती थी कि Nitish Kumar मुख्यमंत्री बनें। सहनी के अनुसार, उस समय विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका, लेकिन अब जैसे ही परिस्थितियां बदल रही हैं, उन्हें राज्यसभा भेजने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव के दौरान ’25 से 30 फिर से नीतीश’ का नारा दिया गया था, लेकिन अब वही नारा राजनीतिक घटनाक्रम के बीच गायब होता दिख रहा है।
बिहार में कमजोर होती व्यवस्था और अधूरे वादे
सहनी ने BJP पर बिहार की व्यवस्था को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं, जबकि सत्ता पक्ष के नेता केवल सरकार बनाने की कवायद में लगे हुए हैं। सहनी ने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान NDA नेताओं ने जनता से कई वादे किए थे, लेकिन अब तक उन्हें पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता ने Nitish Kumar के नाम पर जनादेश दिया था, लेकिन मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम में सत्ता की राजनीति कहीं ज्यादा हावी दिख रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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