
Bhagalpur Census: बिहार में जनगणना की तैयारी जोरों पर है और भागलपुर इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। खुद अपनी जानकारी दर्ज करने वाली ‘स्व-गणना’ में महज दूसरे दिन ही 4000 से अधिक लोगों ने आंकड़े साझा कर दिए हैं। यह रफ्तार बता रही है कि इस बार डिजिटल जनगणना पुराने तरीकों से कहीं आगे निकलने वाली है।
बिहार में सेंट्रल सेंसस को लेकर तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं और इसी कड़ी में भागलपुर जिले में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिले में Bhagalpur Census प्रक्रिया को लेकर लोगों की भागीदारी भी उत्साहजनक दिख रही है।
Bhagalpur Census: 4000 से अधिक लोगों ने दर्ज की अपनी जानकारी
भागलपुर के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि स्व-गणना (Self Enumeration) के तहत दूसरे दिन दोपहर बाद तक जिले में लगभग 4000 लोगों ने अपना डेटा दर्ज कर लिया है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जो लोगों की जागरूकता और भागीदारी को साफ दर्शाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्यों महत्वपूर्ण है स्व-गणना? डीएम ने बताया प्लान
डीएम ने आगे बताया कि यह स्व-गणना की प्रक्रिया आगे होने वाली घर-घर जनगणना को काफी आसान बनाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2 मई 2026 से प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर लोगों की जानकारी एकत्र करेंगे। ऐसे में पहले से भरे गए डेटा के कारण प्रगणकों को जानकारी दर्ज करने में कम समय लगेगा और त्रुटियों की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।
प्रगणकों का प्रशिक्षण और जनभागीदारी की अपील
प्रशासन की ओर से इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। हजारों की संख्या में प्रगणकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे सही और सटीक तरीके से जनगणना का कार्य कर सकें। प्रशिक्षण में तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ लोगों से संवाद स्थापित करने के तरीके भी सिखाए जा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
डीएम ने लोगों से अपील की है कि वे स्व-गणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सही जानकारी दर्ज करें, ताकि जनगणना का डेटा सटीक और उपयोगी हो सके। उन्होंने जोर दिया कि यह प्रक्रिया देश के विकास की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाती है, इसलिए हर नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।







