
AEDO Paper Leak: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने इन सवालों का जवाब देने की ठान ली है। AEDO परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्र लीक मामले में EOU ने एक 9 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो वैज्ञानिक तरीके से जांच कर दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाएगा।
बिहार में पेपर लीक मामलों पर सरकार की सख्ती लगातार बढ़ रही है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली और प्रश्न पत्र लीक की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, मुंगेर और नालंदा जिलों से सामने आए AEDO Paper Leak और कदाचार से जुड़े दो गंभीर मामलों की गहन जांच के लिए यह विशेष दल बनाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
AEDO पेपर लीक मामलों की जांच को SIT तैयार
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में गठित इस 9 सदस्यीय SIT में पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षक स्तर के अनुभवी अधिकारी शामिल हैं। यह टीम मुंगेर मुफसिल थाना कांड संख्या 170/26 और सोहसराय (नालंदा) थाना कांड संख्या 106/26 का अनुसंधान करेगी। इसका मुख्य कार्य वैज्ञानिक तरीकों से साक्ष्य इकट्ठा करना और प्रश्न पत्र लीक करने वाले पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करना है। इस जांच में सहयोग के लिए विशेष कार्य बल (STF) और साइबर सुरक्षा इकाई के अनुभवी अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का भी अनुरोध किया गया है, जिसकी समीक्षा पुलिस उप-महानिरीक्षक स्वयं करेंगे।
कठोर कानून: दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
पेपर लीक और परीक्षा में कदाचार को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कानून बनाए हैं। The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act 2024 के तहत, ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल तक का कारावास और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, नए भारतीय न्याय संहिता 2023 में भी परीक्षा में कदाचार रोकने हेतु कठोर प्रावधान किए गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आर्थिक अपराध इकाई इस बात को लेकर कृतसंकल्पित है कि बिहार में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं निष्पक्ष और परीक्षा में कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न हों। इस SIT का गठन इसी दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें और अपडेट रहें।







