
Digital Census: पटना में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के आवास पर रविवार को डिजिटल जनगणना की टीम पहुंची। इस दौरान राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव मौजूद रहे। तेजस्वी ने बाद में सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तीखे सवाल दागे, जिसमें उन्होंने जातिगत जनगणना की आवश्यकता पर जोर दिया।रविवार सुबह जनगणना विभाग की आठ सदस्यीय टीम सरकारी वाहन से लालू प्रसाद यादव के आवास पर पहुंची। उस समय घर पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मौजूद थे। टीम ने पहुंचते ही Digital Census के माध्यम से परिवार के सभी सदस्यों का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया।
यह पूरी प्रक्रिया मौके पर ही तकनीकी उपकरणों का उपयोग कर डिजिटल तरीके से पूरी की गई, जिसमें कागजी औपचारिकताओं से बचा गया। जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक सुश्री रंजिता जी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि उन्होंने जनगणना-2027 की स्व-गणना प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण पूर्ण कर लिया है।
लालू आवास पर Digital Census: क्या कुछ हुआ?
जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक रंजिता जी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी इस प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहे। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने जनगणना-2027 की स्व-गणना प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण पूरा कर लिया है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से संपन्न हुई।
जातिगत जनगणना पर तेजस्वी का सवाल, अमित शाह पर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में केंद्र सरकार और विशेषकर गृह मंत्री अमित शाह पर जातिगत जनगणना को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद में बयान देते समय अमित शाह को देश की सामाजिक संरचना की न्यूनतम जानकारी तो होनी चाहिए। तेजस्वी ने लिखा कि भारतीय समाज में जाति के आधार पर न सिर्फ मकान, बल्कि मोहल्ले, टोले और गांव तक पहचाने जाते हैं। कई राज्यों में तो गांवों के नाम भी जाति से जुड़े होते हैं।उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि राजधानी के पॉश इलाकों में भी घरों के नाम और नेम प्लेट पर जाति का उल्लेख देखा जा सकता है, जो बड़े-बड़े आवासीय इलाकों में स्पष्ट दिखता है। उन्होंने आगे कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों में पहचान के तौर पर जाति का उपयोग होता है, यहां तक कि कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के नाम में भी जाति जोड़ी जाती है। इन सब को देखते हुए, तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि क्या वह अपने वादे के अनुसार जातिगत जनगणना कराएगी या नहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







