
Bihar Corruption: बिहार में सब ठीक नहीं चल रहा! सूबे की सरकार एक बड़े वित्तीय संकट से जूझ रही है और आलम ये है कि कर्मचारियों को सैलरी और पेंशन देने तक के पैसे नहीं बचे हैं। क्या बिहार सचमुच 4 लाख करोड़ के कर्ज तले दब चुका है? आखिर, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक्स पर क्या लिखा। पढ़िए विस्तार से.राज्य में वित्तीय संकट का आलम ये है कि सरकार ने हाल ही में दूसरी बार निधि निकासी और व्यय नियंत्रण से संबंधित पत्र जारी किया है। दरअसल, विधानसभा चुनावों से ठीक 30 दिन पहले, कथित तौर पर अपनी कुर्सी बचाने के लिए, कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और एक ‘भूंजा गैंग’ ने मिलकर निष्क्रिय मुख्यमंत्री से 41,000 करोड़ रुपए का बंटवारा करा लिया था। अब महीनों से बुजुर्गों की सामाजिक पेंशन, छात्रों के क्रेडिट कार्ड भुगतान और स्कॉलरशिप, तथा कर्मचारियों के वेतन और पेंशन तक के लिए सरकार के पास धन नहीं बचा है। इस Bihar Corruption ने राज्य की वित्तीय व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया है।कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार के कारण बिहार का खाली खजाना अब इतना खाली हो चुका है कि सरकार को ब्याज पर उधार लेकर अपना काम चलाना पड़ रहा है। प्रतिदिन 100 करोड़ रुपए से अधिक तो केवल ब्याज चुकाने में खर्च हो रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
खजाने की हालत इतनी खराब क्यों?
वर्तमान सरकार ने बिहार पर लगभग 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लाद दिया है। राज्य का खजाना इस कदर खाली है कि समूचा प्रदेश पूरी तरह से ठप पड़ा है, और विकास की कोई भी नई योजना नहीं चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि राज्य को ऐसी सरकार चला रही है जिसके पास न तो कोई दूरदृष्टि है और न ही भविष्य के लिए कोई ठोस रोडमैप।
Bihar Corruption: CAG रिपोर्ट ने खोली सरकार की पोल
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। रिपोर्ट बताती है कि सरकार 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं कर पाई है।
यह आंकड़ा सीधे तौर पर बताता है कि पैसे खर्च तो हुए, लेकिन किस मद में या कहां खर्च हुए, इसका कोई हिसाब नहीं है। आरोप हैं कि ये धनराशि नेताओं और अधिकारियों की जेब भरने में या ‘सिंडिकेट’ में बंदरबांट करने में लुटाई गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस बिहार का खाली खजाना और भ्रष्टाचार के खेल में राज्य की जनता पिस रही है।इस सरकार के कार्यकाल में Bihar Corruption इतना विराट हो गया कि अब तो भ्रष्टाचारी ही सम्राट हो गया है। राज्य की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







