
सोलर स्ट्रीट लाइट: बिहार के गांवों में अब अंधेरा छंटने वाला है! ग्रामीण इलाकों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइट्स की स्थिति जानने के लिए अब आपको कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार ने एक ऐसा धांसू प्लान बनाया है जिससे हर जिले में इसकी पल-पल की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी।
गांवों की सोलर स्ट्रीट लाइट: अब हर जिले में दिखेगा स्टेटस
राज्य की पंचायतों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइट की क्रियाशीलता की जानकारी अब सभी जिला समाहरणालयों में मिलेगी। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने सभी समाहरणालयों में एलईडी टीवी लगाने का फैसला किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह कदम मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत ग्राम पंचायतों में अधिष्ठापित सोलर स्ट्रीट लाइट के अनुश्रवण को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।
मॉनिटरिंग हुई आसान: क्या है नई व्यवस्था?
पंचायती राज विभाग ने इस व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ब्रेडा (Bihar Renewable Energy Development Agency) के माध्यम से एक केंद्रीकृत अनुश्रवण प्रणाली (CMS) विकसित की है। यह प्रणाली सोलर स्ट्रीट लाइट्स की क्रियाशीलता से संबंधित रियल टाइम मॉनिटरिंग और अपडेट देगी। इस प्रणाली के जरिए पंचायत में लगी स्ट्रीट लाइटें चालू हैं या बंद, इसका सीधा अपडेट समाहरणालयों में लगी एलईडी स्क्रीन पर देखा जा सकेगा, जिससे पूरी व्यवस्था में रियल टाइम मॉनिटरिंग और पारदर्शिता आएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पारदर्शिता के लिए सरकार का बड़ा कदम और बजट
इस पूरी योजना के लिए राज्य योजना मद से कुल 76 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें प्रति जिले के लिए 2 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इससे न सिर्फ अधिकारियों को बल्कि आम जनता को भी अपनी पंचायत में लगी स्ट्रीट लाइट्स की स्थिति जानने में आसानी होगी और जवाबदेही तय हो सकेगी।






