
Human Trafficking: भारत-नेपाल सीमा पर एक बार फिर मानव तस्करों का क्रूर चेहरा सामने आया है। मोतिहारी के रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने एक नाबालिग लड़की को अंधेरे दलदल में धंसने से बचा लिया, जब उसे प्रेम जाल में फंसाकर तस्करी की कोशिश की जा रही थी।
सीमा पर अलर्ट सुरक्षाबलों ने ऐसे Human Trafficking रोकी
पूर्वी चंपारण। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल बॉर्डर मानव तस्करी के खतरनाक नेटवर्क के लिए कुख्यात रहा है। हालांकि, गुरुवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 47वीं वाहिनी की संयुक्त कार्रवाई ने एक मासूम जिंदगी को नारकीय भविष्य में जाने से बचा लिया। सुरक्षाबलों ने मैत्री ब्रिज के पास नियमित जांच के दौरान नेपाल से भारत आ रहे एक ऑटो-रिक्शा को रोका, जिसमें सवार एक युवक और एक नाबालिग लड़की की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
कैसे उजागर हुई नाबालिग तस्करी की साजिश?
सुरक्षाबलों ने जब उनसे पूछताछ की, तो युवक ने अपना नाम साहिल अंसारी बताया, जो पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि का निवासी है। लड़की भी उसी क्षेत्र की रहने वाली निकली। शुरुआत में दोनों ने सुरक्षाबलों को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन अनुभवी अधिकारियों को तुरंत कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा हो गया। यह साफ था कि यह केवल प्रेम प्रसंग का मामला नहीं बल्कि नाबालिग तस्करी का एक बड़ा जाल है।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, लड़की को तुरंत सुरक्षा घेरे में लिया गया। महिला सुरक्षाकर्मियों की मदद से, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से उसकी काउंसलिंग की गई। इस दौरान, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ी, सच की परतें खुलती चली गईं और एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
काउंसलिंग में सामने आया कि साहिल अंसारी ने प्रेम जाल में फंसाकर इस नाबालिग को अपने साथ लाया था और उसकी मंशा स्पष्ट रूप से उसे मानव तस्करों के गिरोह को सौंपने की थी। सुरक्षाबलों की तत्परता और जांच से यह पूरा Human Trafficking नेटवर्क ध्वस्त हो गया। आरोपी युवक साहिल अंसारी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और लड़की को आगे की कानूनी प्रक्रिया और पुनर्वास के लिए संबंधित अथॉरिटीज को सौंप दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह घटना फिर से दर्शाती है कि भारत-नेपाल सीमा पर नाबालिग तस्करी रोकने के लिए निरंतर सतर्कता कितनी आवश्यक है।






