
बिहार सेमीकंडक्टर नीति: बिहार सरकार ने एक बड़ा दांव खेला है! राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026’ को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी नीति का लक्ष्य बिहार को देश के प्रमुख सेमीकंडक्टर और एआई हब में से एक के रूप में स्थापित करना है। सस्ती बिजली, पानी और भारी-भरकम वित्तीय सब्सिडी की घोषणा की गई है, जो हजारों युवाओं के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले रोजगार के नए द्वार खोलेगी।
‘बिहार सेमीकंडक्टर नीति’ के तहत मिलेंगे बड़े प्रोत्साहन
नई नीति के अनुसार, बिहार में सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित करने वाली कंपनियों को कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जाएंगे। सबसे पहले, उन्हें सस्ती दरों पर बिजली और पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उद्योगों को मात्र 5 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी, जबकि शेष लागत राज्य सरकार वहन करेगी। यह सुविधा अगले 10 वर्षों तक जारी रहेगी। इसी तरह, पानी की आपूर्ति 4 रुपये प्रति घन मीटर की दर से अगले 10 साल तक सुनिश्चित की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
वित्तीय बोझ को कम करने के लिए बैंक ऋण पर भी बड़ी राहत दी गई है। यूनिट शुरू होने की तिथि से 7 वर्षों तक, कंपनियों को 5% प्रति वर्ष की दर से ब्याज सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 25 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, पेटेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार लागत का 75% तक प्रतिपूर्ति करेगी। देश में पेटेंट फाइल करने पर अधिकतम 10 लाख रुपये और विदेश में पेटेंट फाइल करने पर 20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
भारी निवेश और लाखों नए रोजगार का लक्ष्य
राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में करीब 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस निवेश से वर्ष 2030 तक 2 लाख से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, अगले पांच वर्षों में 50 हजार सेमीकंडक्टर पेशेवरों को तैयार करने की भी योजना है, जो इस तेजी से बढ़ते उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में बिहार के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में इस क्षेत्र का योगदान 5% तक पहुंचाया जाए।
नींव और भविष्य की योजनाएं
इस महत्वपूर्ण पहल की नींव अक्टूबर 2025 में रखी गई थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में एआई और सेमीकंडक्टर क्लस्टर विकसित करने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत मोबाइल, ड्रोन और रक्षा उपकरणों के लिए चिप निर्माण इकाइयाँ स्थापित करने, साथ ही मेगा टेक सिटी, फिनटेक सिटी और स्मार्ट सिटी विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। राज्य सरकार इसे एक प्रमुख एआई हब के रूप में भी विकसित करना चाहती है। सरकार की योजना केंद्र के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ मिलकर चिप मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और डिजाइन यूनिट्स स्थापित करने की है। यह नई बिहार सेमीकंडक्टर नीति राज्य के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी रोजगार के अवसर प्रदान करेगी और बिहार को प्रौद्योगिकी के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







