
Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन दिनों कुछ अलग ही खिचड़ी पक रही है। जदयू दफ्तर में हुए एक कार्यक्रम ने अटकलों का बाजार और गर्म कर दिया है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी नीतीश कुमार को कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री बताया, वहीं उनके बेटे निशांत कुमार को भावी सीएम के रूप में देखा जा रहा है।
रविवार को जदयू दफ्तर में धूम धाम से भामाशाह जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के 12 दिन बाद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी दफ्तर पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने अपने ऊपर बने एक गाने पर ताली बजाई और मंच पर मौजूद नेताओं को भी ताली बजाने का इशारा किया।
कार्यकर्ताओं के बीच बांटे गए पंपलेट में उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बताया गया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी मीडिया से बातचीत में उन्हें सीएम कहकर संबोधित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
जदयू दफ्तर में भामाशाह जयंती और बिहार पॉलिटिक्स का नया अध्याय
इसी कार्यक्रम में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने निशांत कुमार को चांदी का मुकुट पहनाया और “बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो” जैसे नारे लगाए। पार्टी ने इस कार्यक्रम के जरिए सामाजिक समरसता और महापुरुषों के सम्मान का संदेश देने की कोशिश की।
पार्टी नेताओं ने कहा कि भामाशाह का जीवन सेवा, त्याग और समर्पण की मिसाल है। कार्यक्रम में “सुशासन को देगा रफ्तार, इंजीनियर निशांत कुमार” गाना भी बजाया गया, जिस पर कार्यकर्ता झूमते नजर आए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कार्यकर्ताओं का उत्साह और निशांत कुमार की बढ़ती धमक
कार्यक्रम के बाद निशांत कुमार ने घोषणा की कि वे 3 मई से प्रदेश यात्रा पर निकलेंगे। इस यात्रा के माध्यम से वे अपने पिता द्वारा किए गए कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
जदयू कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे, जिससे पार्टी के भीतर उत्साह का माहौल देखने को मिला और बिहार में आगे की बिहार पॉलिटिक्स की दिशा को लेकर कयास तेज़ हो गए हैं।








You must be logged in to post a comment.