
बीपीएससी एईडीओ परीक्षा घोटाला: बिहार में नौकरी पाने के लिए मेहनत करने वाले छात्रों के सपनों को एक बार फिर झटका लगा है। बीपीएससी की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी की जांच अब तेज़ हो गई है और आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की विशेष टीम ने इस मामले में पांच आरोपियों को रिमांड पर लिया है।
पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पांच संदिग्धों को रिमांड पर लिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इन सभी आरोपियों से पटना स्थित ईओयू कार्यालय में गहन पूछताछ जारी है। सूत्रों की मानें तो इस पूछताछ से मिले अहम इनपुट के आधार पर एसआईटी आगे की जांच की दिशा तय करेगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश करेगी।
जांच का दायरा बढ़ा, संगठित गिरोह पर शक
एसआईटी की टीम अब राज्यभर में दर्ज इस तरह के सभी संबंधित मामलों का ब्योरा जुटा रही है। इसका मकसद परीक्षा में हुई धांधली के पीछे के पूरे नेटवर्क को समझना है। प्रारंभिक जांच में एक संगठित गिरोह की संलिप्तता की आशंका गहराई है, जिसके मद्देनजर विभिन्न कड़ियों को आपस में जोड़ा जा रहा है ताकि साजिश की तह तक पहुंचा जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल और ‘आंसर की’ का खेल
अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कदाचार के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी। इसके साथ ही, कुछ परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। एसआईटी अब ऐसे कर्मियों के संपर्कों और उनके संभावित नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है। चौंकाने वाली जानकारी यह भी है कि कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के पास परीक्षा केंद्र के बाहर ही ‘आंसर की’ (उत्तर कुंजी) मिलने की बात सामने आई है। यह सीधा-सीधा पेपर लीक या बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से नकल कराने की ओर इशारा करता है।
बीपीएससी एईडीओ परीक्षा घोटाला: आगे क्या?
फिलहाल, ईओयू इस मामले में आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रही है, लेकिन जांच के दायरे को लगातार तेजी से बढ़ाया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस बड़े बीपीएससी एईडीओ परीक्षा घोटाला में आने वाले दिनों में और भी कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। बिहार में पारदर्शी परीक्षाओं के आयोजन की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।






