
Bihar Satellite Township: बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने की तैयारी चल रही है। सरकार एक ऐसी योजना ला रही है, जिससे न सिर्फ शहरों का योजनाबद्ध विस्तार होगा, बल्कि जमीन मालिकों की भी किस्मत चमक उठेगी। जानिए क्या है ये पूरा प्लान और कैसे मिलेगा लोगों को सीधा फायदा।
बिहार सरकार राज्य में शहरीकरण को गति देने के लिए सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। नगर एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने हाल ही में इस परियोजना पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत शहरों का व्यवस्थित विकास किया जाएगा और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी जमीन मालिक से जबरदस्ती उनकी जमीन नहीं ली जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह योजना अक्टूबर से नवंबर के बीच शुरू होने की संभावना है।
‘Bihar Satellite Township’ में लैंड पूलिंग मॉडल: ऐसे मिलेगा फायदा
प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि टाउनशिप के लिए ली जाने वाली जमीन को विकसित किया जाएगा और उसके बाद कुल विकसित भूमि का 55 प्रतिशत हिस्सा जमीन मालिकों को वापस कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को ‘लैंड पूलिंग मॉडल’ के तहत लागू किया जाएगा। यह मॉडल सुनिश्चित करेगा कि जमीन मालिकों को सीधे तौर पर परियोजना का लाभ मिले। सरकार का दावा है कि इससे किसानों और छोटे जमीन मालिकों को बड़ा आर्थिक फायदा होगा और उनकी जमीन कौड़ियों के दाम बिकने से बचेगी।
जमीन की कीमत में 10 गुना तक बढ़ोतरी का अनुमान
सरकार का दावा है कि सैटेलाइट टाउनशिप विकसित होने के बाद संबंधित जमीन की कीमत में कई गुना वृद्धि होगी। उदाहरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी जमीन की मौजूदा कीमत 1 लाख रुपये है, तो विकास के बाद उसकी कीमत 10 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। ऐसे में, जब जमीन मालिकों को विकसित भूमि का 55 प्रतिशत हिस्सा वापस मिलेगा, तो उन्हें सीधा और बड़ा आर्थिक लाभ होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इन सैटेलाइट टाउनशिप में हर प्लॉट के साथ चौड़ी सड़कें, सुव्यवस्थित ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम, बिजली और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सड़कों के निर्माण के लिए कुल जमीन का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा उपयोग किया जाएगा, जिससे बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।
11 जिलों में विकास की बयार, EWS के लिए भी खास प्रावधान
सरकार ने राज्य के 11 जिलों में Bihar Satellite Township विकसित करने का निर्णय लिया है। इन नए शहरों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए कुल जमीन का 3 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में विश्व बैंक (World Bank) और देश की कई प्रमुख एजेंसियों का भी सहयोग लिया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता और स्थायित्व को सुनिश्चित करेगा।
गौरतलब है कि जिन क्षेत्रों में सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की योजना है, वहां फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। सरकार का तर्क है कि यह कदम किसानों को बिचौलियों द्वारा सस्ते दाम पर उनकी जमीन खरीदने से बचाने के लिए उठाया गया है। इससे योजना के पारदर्शितापूर्वक क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। यह योजना बिहार में शहरी विकास और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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