
बिहार नगर परिषद अध्यक्ष: बिहार के कैमूर जिले में एक ऐसी ख़बर सामने आई है जिसने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। भभुआ नगर परिषद के अध्यक्ष को चुनाव आयोग ने पद से हटा दिया है, और इसकी वजह जानकर आप भी चौंक जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने नगरपालिका अधिनियम का उल्लंघन पाए जाने पर यह कड़ा कदम उठाया है।
क्या है पूरा मामला?
राज्य निर्वाचन आयोग ने भभुआ नगर परिषद के अध्यक्ष विकास कुमार तिवारी उर्फ बबलू तिवारी को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। यह फैसला नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत लिया गया है, जिसके अनुसार 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक बच्चे होने पर कोई भी व्यक्ति इस पद पर नहीं रह सकता। आयोग ने पाया कि तिवारी ने इस नियम का उल्लंघन किया था। आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी को इस आदेश का अनुपालन कर चार हफ्ते में रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पूर्व अध्यक्ष ने उठाई थी आवाज़
यह मामला तब प्रकाश में आया जब भभुआ नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष जैनेंद्र कुमार आर्य उर्फ जोनी ने राज्य निर्वाचन आयोग में एक वाद दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि विकास कुमार तिवारी के 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक बच्चे हैं और उन्होंने नामांकन के समय इस तथ्य को छिपाया था। इस शिकायत के बाद आयोग ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। इस फैसले ने एक बार फिर कैमूर समाचार की सुर्खियों में जगह बनाई है।
दो से अधिक बच्चों पर गई बिहार नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस शिकायत पर जिला पदाधिकारी से रिपोर्ट मंगाई और दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई की। सभी सबूतों और बयानों का गहनता से अवलोकन करने के बाद आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि विकास कुमार तिवारी उर्फ बबलू तिवारी के निश्चित रूप से 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक बच्चे हैं। इस आधार पर, आयोग ने तत्काल प्रभाव से उन्हें नगर परिषद अध्यक्ष पद से पद मुक्त कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इसके साथ ही, जिला पदाधिकारी को विधि के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस मामले में जांच के बाद पुष्टि की है कि निवर्तमान बिहार नगर परिषद अध्यक्ष विकास कुमार तिवारी के दो से अधिक बच्चे 4 अप्रैल 2008 के बाद हुए हैं।







