
मौलाना तौसीफ रजा मजहरी हत्याकांड: बिहार के किशनगंज निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी की उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई मौत को लेकर सनसनीखेज दावे सामने आ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि ट्रेन में उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि बरेली पुलिस इसे हादसा बता रही है। इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जिसमें बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यूपी पुलिस और बिहार सरकार दोनों पर निशाना साधा है।
भोगडाबर पंचायत, ठाकुरगंज, जिला-किशनगंज के निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी का शव बरेली कैंट के पास ट्रेन की पटरी पर मिला था। परिजनों का कहना है कि 26 अप्रैल को मौलाना तौसीफ बरेली में एक धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे, जब ट्रेन के जनरल कोच में कुछ असामाजिक तत्वों ने उन्हें निशाना बनाया। उनकी पिटाई की गई और बाद में ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान मौलाना ने अपनी पत्नी को फोन कर पुलिस से मदद मांगी थी, जिसका रिकॉर्ड भी उपलब्ध है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मौलाना तौसीफ रजा मजहरी हत्याकांड: क्या है पूरा मामला?
तेजस्वी यादव ने इस घटना को भयावह बताते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस मौलाना तौसीफ रजा मजहरी हत्याकांड की लीपापोती करने में लगी है और नाम-पहचान देखकर मनगढ़ंत कहानी बना रही है। तेजस्वी ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर हमला बोलते हुए कहा कि यह घटना यूपी की बदहाल विधि-व्यवस्था और भारतीय रेल यात्रा की असुरक्षा का सीधा प्रमाण है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और रेल मंत्रालय, भारत सरकार से घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
इसके साथ ही तेजस्वी ने बिहार सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को इस मामले का संज्ञान लेकर तुरंत संबंधित पक्षों से बात करनी चाहिए थी, लेकिन भाजपा शासित राज्यों में बिहारियों के साथ हो रही ऐसी घटनाओं पर एनडीए सरकार चुप्पी साध लेती है। पार्टी के नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की है और न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। बिहार सरकार से यह भी मांग की गई है कि पीड़ित परिवार को उचित सहायता राशि प्रदान की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
मृतक की पहचान और घटना का विवरण
मृतक की पहचान किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत भोगडाबर पंचायत निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इमामत की जिम्मेदारी निभा रहे थे। परिजनों ने बताया कि वह बरेली में आयोजित उर्स-ए-ताजुश्शरिया से लौट रहे थे। 26 अप्रैल 2026 को वे ट्रेन संख्या 04314 के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। उसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने उनका सामान लूटने की कोशिश की और बेरहमी से मारपीट की, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। बाद में उनका शव बरेली जंक्शन के पास बरामद हुआ।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अल्पसंख्यक आयोग ने लिया संज्ञान
मौलाना तौसीफ रजा मजहरी के परिजनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसे हत्या का मामला बताते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (नई दिल्ली) को पत्र लिखकर इस घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







