
मजदूर दिवस: अररिया में इस साल मजदूर दिवस सिर्फ छुट्टी का दिन नहीं रहा, बल्कि श्रमिकों के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत लेकर आया। संयुक्त श्रम भवन में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जहां मजदूरों को उनके अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
मजदूर दिवस पर अररिया में जागरूकता शिविर का आयोजन
अररिया के संयुक्त श्रम भवन में आयोजित इस एक दिवसीय जागरूकता शिविर का उद्घाटन उपस्थित पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मजदूरों को उनके अधिकारों और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न श्रम कल्याण योजनाओं के बारे में जागरूक करना था।
कौन-कौन से अधिकारी रहे मौजूद?
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला को सफल बनाने के लिए कई श्रम प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित थे। इनमें अररिया सदर से श्री सौरभ प्रभाकर, रानीगंज से श्री राजेश कुमार, जोकिहाट से श्री अमित कुमार कश्यप और नरपतगंज से श्रीमती ममता कुमारी शामिल थीं।
श्रमिकों को दी गई महत्वपूर्ण योजनाएं
कार्यशाला में आए श्रमिकों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें न्यूनतम मजदूरी दर, बिहार शताब्दी योजना, बिहार प्रवासी दुर्घटना योजना तथा बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में बताया गया। इसके साथ ही, पदाधिकारियों द्वारा बाल श्रम उन्मूलन और अन्य श्रम कल्याण योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर, योजनाओं से संबंधित हस्तपुस्तकों का वितरण भी किया गया, ताकि श्रमिक इन जानकारियों को आसानी से अपने पास रख सकें और उनका लाभ उठा सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पहल निश्चित तौर पर मजदूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी और उन्हें अपने हक़ के लिए आवाज उठाने में मदद करेगी। मजदूर दिवस केवल अवकाश का दिन नहीं, बल्कि श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। हमें उम्मीद है कि ऐसे जागरूकता शिविरों से बिहार के श्रमिकों को सही जानकारी मिलेगी और वे अपने लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर पाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।






