
नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू: सिवान में एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है, जिसने कई नाबालिग लड़कियों को दलदल से बाहर निकाला है। जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत 21 मासूमों को आर्केस्ट्रा के नाम पर चल रहे देह व्यापार से मुक्त कराया है। इस कार्रवाई से जिले में अवैध धंधेबाजों के बीच हड़कंप मच गया है।
सिवान पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि जिला पुलिस ‘अनैतिक देह व्यापार एवं मानव तस्करी’ पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ नामक विशेष अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मिली गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू
टीम ने पचरुखी थाना क्षेत्र में चल रहे आर्केस्ट्रा स्थलों पर घेराबंदी कर छापेमारी की। इस दौरान जबरदस्त प्रताड़ना सह रही 21 नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू की गईं, जिन्हें जबरन नृत्य करवाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो संचालक, अनिल कुमार और विशेष पांडेय को गिरफ्तार किया है। ये दोनों मधुबनी जिले के सराय और पंडोल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
किन राज्यों से लाई गई थीं ये लड़कियाँ?
पुलिस के अनुसार, मुक्त कराई गई लड़कियों में पश्चिम बंगाल से 9, असम से 1, बिहार से 5, झारखंड से 2, उत्तर प्रदेश से 3 और नेपाल से 1 लड़की शामिल है। पुलिस फिलहाल इन सभी लड़कियों के वास्तविक नाम, पते और उम्र का सत्यापन कर रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि उन्हें किन परिस्थितियों में यहां लाया गया था और इस पूरे रैकेट के पीछे कौन सा गिरोह या व्यक्ति शामिल है।
दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
पचरुखी थाने में इस संबंध में एक मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी दल में महिला थानाध्यक्ष सोनी कुमारी, थानाध्यक्ष पचरूखी प्रमोद कुमार, प्रभारी एएचटीयू और रेस्क्यू फाउंडेशन दिल्ली के सदस्य शामिल थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह कार्रवाई मानव तस्करी के खिलाफ सिवान पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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