
इंजीनियरिंग कॉलेज: अररिया के सिमराहा स्थित फणीश्वरनाथ रेणु अभियंत्रण महाविद्यालय में शनिवार, 02 मई 2026 को एक छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि आपात स्थिति में भी कॉलेज प्रशासन की ओर से समय पर वाहन उपलब्ध नहीं कराया जा सका, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने जमकर हंगामा किया।
घटना सिमराहा स्थित फणीश्वरनाथ रेणु अभियंत्रण महाविद्यालय की है, जहां सीएसई विभाग की छात्रा सिंपी कुमारी अचानक बीमार पड़ गईं। छात्रों ने तुरंत कॉलेज प्रशासन से वाहन उपलब्ध कराने का आग्रह किया ताकि सिंपी को अस्पताल पहुंचाया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। लेकिन छात्रों के मुताबिक, कॉलेज परिसर में वाहन होने के बावजूद प्रशासन ने उसे उपलब्ध नहीं कराया। इसके बजाय छात्रा को अस्पताल भेजने के लिए ऑटो बुलाया गया और छात्रों से ही किराया देने को कहा गया, जिससे वे भड़क उठे।
इंजीनियरिंग कॉलेज में लापरवाही और छात्रों का आरोप
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर साल मोटी मेंटेनेंस फीस लेने के बावजूद आपात स्थिति में बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया नहीं कराई जातीं। छात्र समरजीत कुमार ने बताया कि कॉलेज का वाहन निजी उपयोग में रखा जाता है, जबकि जरूरत पड़ने पर छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलता। यह स्थिति छात्र स्वास्थ्य के प्रति कॉलेज की उदासीनता को दर्शाती है। विरोध प्रदर्शन के बाद मीडियाकर्मियों की मदद से छात्रा को फारबिसगंज के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका तुरंत इलाज शुरू किया गया।
बीमार छात्रा के लिए मदद की गुहार और प्राचार्य का जवाब
इस घटना के बाद से छात्रों में कॉलेज प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश बना हुआ है। छात्र-छात्राओं ने मांग की है कि कॉलेज में तत्काल इमरजेंसी मेडिकल सुविधा, एंबुलेंस और वाहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जब इस मामले में कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल अर्जुन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि छात्रा के लिए टेंपो की व्यवस्था कराई गई थी, लेकिन छात्रा ने उसे वापस कर दिया। बिहार सरकार द्वारा कॉलेज को उपलब्ध कराए गए वाहन के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बाहर होने की बात कहते हुए बाद में जानकारी देने का आश्वासन दिया, जबकि सरकारी वाहन कॉलेज परिसर में ही मौजूद था। यह घटना इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करती है और छात्रों के जीवन से खिलवाड़ को उजागर करती है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







