
Grievance Redressal Camps: दरभंगा के आम लोगों के लिए खुशखबरी है! अगर आप भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं, तो अब आपकी सुनवाई सीधे पंचायत में होगी। जिला प्रशासन ने 19 मई से ‘सहयोग शिविर’ लगाने का फैसला किया है, जिसके लिए आज एक अहम बैठक हुई।
दरभंगा जिला प्रशासन ने पंचायतों में आमजनों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी प्रखंडों में ‘सहयोग शिविर’ के सफल आयोजन की रणनीति पर मंथन हुआ। ये शिविर 19 मई, 2026 से विभिन्न चयनित पंचायतों में लगेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सीधे अपनी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को प्रशासन के सामने रखने का अवसर देना है, ताकि उनका निदान तुरंत किया जा सके। सिंहवाड़ा प्रखंड के सिमरी पंचायत में जिलाधिकारी खुद एक सहयोग शिविर की अध्यक्षता करेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि आम जनता को न्याय के लिए भटकना न पड़े। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या है Grievance Redressal Camps का मुख्य उद्देश्य?
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि Grievance Redressal Camps का मूल लक्ष्य आमजनों को उनकी समस्याओं से मुक्ति दिलाना है। इन शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाएं की जानकारी भी स्थानीय स्तर पर दी जाएगी, जिससे लोग इनका लाभ उठा सकें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शिविर के आयोजन से एक माह पहले से ही आमजनों से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे, ताकि शिविर शुरू होने से पहले ही अधिकतम शिकायतों का निपटारा किया जा सके। शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों का भी निर्धारित समय सीमा के भीतर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
शिविर की तैयारी और प्रशासन का संकल्प
इन सहयोग शिविरों को पंचायत सरकार भवन या उसके आसपास किसी उपयुक्त सरकारी भवन में आयोजित किया जाएगा। शिविरों के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर 24 वरीय पदाधिकारियों को नामित किया गया है, जो संबंधित पंचायतों में निगरानी और मार्गदर्शन का कार्य करेंगे। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे शिविर से पहले संबंधित पंचायतों का भ्रमण कर लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें। साथ ही, किसान सलाहकार, विकास मित्र और अन्य स्थानीय संसाधनों के माध्यम से अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने और प्राप्त आवेदनों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसका लक्ष्य है कि हर शिकायत पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और उसका संतोषजनक समाधान हो।
समस्या समाधान का डिजिटल तरीका और जनगणना की समीक्षा
एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत, सहयोग शिविरों में प्राप्त जन-शिकायतों और आवेदनों के अनुश्रवण के लिए एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इससे निष्पादन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। बैठक के अंत में, जिलाधिकारी ने जनगणना कार्यों की भी समीक्षा की और सभी संबंधित पदाधिकारियों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) राकेश कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार, नजारत उप समाहर्ता पवन कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







