
Life Sentence: कहते हैं न्याय मिलने में भले ही देर हो, पर मिलता ज़रूर है। दरभंगा में 27 साल पुराने एक हत्याकांड में कोर्ट ने आख़िरकार एक दोषी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। यह मामला बेनीपुर अनुमंडल के बहेड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ एक शिक्षक की हत्या कर दी गई थी।
भूमि विवाद में शिक्षक की हत्या
दरभंगा जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ऋषि गुप्ता की अदालत ने 27 साल पुराने हत्या के एक मामले में यह फ़ैसला सुनाया है। अपर लोक अभियोजक श्रीमती पूनम झा ने बताया कि बहेड़ा थाना क्षेत्र के महिनाम गांव में शिक्षक हरिश्चंद्र झा की हत्या एक पुराने Land Dispute में हुई थी। पड़ोसी ठक्को झा सहित अन्य व्यक्तियों ने लाठियों से पीट-पीटकर उनकी जान ले ली थी। यह घटना 26 नवंबर 1999 को हुई थी, जिसके बाद मृतक की पत्नी रीता देवी ने बहेड़ा थाना कांड संख्या 228/99 के तहत मामला दर्ज कराया था। इस मामले में कुल सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिनमें ठक्को झा, संजय कुमार झा, नरेश कुमार झा, सरोज कुमार झा, श्यामा देवी, अनिता कुमारी और अमृता कुमारी शामिल थीं।
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क्या था पूरा मामला और आजीवन कारावास (Life Sentence) की सज़ा?
बहेड़ा थाना पुलिस द्वारा विस्तृत अनुसंधान के बाद 30 अप्रैल 2002 को ठक्को झा एवं श्यामा देवी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया था। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा 17 अगस्त 2004 को आरोप तय किए गए, जिसमें इन दोनों के विरुद्ध संज्ञान लिया गया था। इस मामले में पुलिस और चिकित्सक के अलावा 6 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लंबी सुनवाई के बाद, पिछले 30 अप्रैल को श्यामा देवी को आरोप मुक्त कर दिया गया, जबकि ठक्को झा को दोषी करार दिया गया।
सजा के बिंदु पर आज हुई सुनवाई में न्यायाधीश श्री गुप्ता ने ठक्को झा को Life Sentence की कठोर सजा सुनाई है। यह फैसला दशकों बाद न्याय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
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