
Manuscript Preservation: भागलपुर में इतिहास प्रेमियों के लिए बड़ी खबर! अब 75 साल से भी पुरानी पांडुलिपियों, कहानियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को सहेजने का एक विशेष अभियान शुरू हो रहा है। भारत सरकार के ‘ज्ञान भारत मिशन’ के तहत यह पहल भागलपुर की गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करेगी। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अगुवाई में इस अभियान को गति दी जा रही है।
ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों और हस्तलिखित दस्तावेजों के संरक्षण को लेकर भागलपुर में तेज हुई इस पहल की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक समीक्षा भवन में आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियों, हस्तलिखित लेखों, कहानियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों का संकलन और संरक्षण किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखना है ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां इससे जुड़ सकें और अपनी जड़ों को जान सकें।
पांडुलिपि संरक्षण: अभियान का लक्ष्य और महत्व
यह विशेष पांडुलिपि संरक्षण अभियान भागलपुर की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर को बचाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इसका लक्ष्य केवल पुराने कागजात एकत्र करना नहीं है, बल्कि उनमें छिपे ज्ञान, इतिहास और कहानियों को संरक्षित करना है। यह अभियान सुनिश्चित करेगा कि हमारे पूर्वजों का ज्ञान और अनुभव हमेशा हमारे साथ बना रहे।
जनता से सहयोग की अपील
जिलाधिकारी डॉ. चौधरी ने इस अभियान की सफलता के लिए आम लोगों की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने भागलपुर के नागरिकों से भावुक अपील की है कि यदि उनके पास 75 वर्ष से अधिक पुराने हस्तलिखित दस्तावेज या कोई अन्य ऐतिहासिक दस्तावेज़ मौजूद है, तो वे इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दें। आपका सहयोग ही हमारी अमूल्य विरासत को बचाने में मददगार साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान भागलपुर की ऐतिहासिक और साहित्यिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







