
ओसामा शहाब: बिहार की सियासत में बुधवार का दिन गहमागहमी भरा रहा। जब सीवान पुलिस अचानक पटना पहुंची तो सभी की निगाहें राजद विधायक पर टिक गईं। मकसद था उनकी गिरफ्तारी, लेकिन कहानी में ट्विस्ट आ गया।
बुधवार को पटना में उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब सीवान पुलिस राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता ओसामा शहाब की गिरफ्तारी के लिए राजधानी पहुंची। जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस दल कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित विधायक आवास पर पहुंचा, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं मिले। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही अदालत से गिरफ्तारी पर रोक लगने की खबर सामने आई, जिसके बाद पुलिस टीम वापस लौट गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
ओसामा शहाब की तलाश में पहुंची पुलिस
जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे और राजद विधायक रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करते हैं। हाल के दिनों में जमीन विवाद से जुड़े मामले में उनका नाम सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई की तैयारी कर रही थी। बुधवार को सीवान पुलिस की टीम अचानक पटना पहुंची तो विधायक के फ्लैट के आसपास गहमागहमी बढ़ गई। कार्रवाई का नेतृत्व सीवान के एडिशनल एसपी अजय सिंह कर रहे थे। टीम में कोतवाली थानाध्यक्ष अजय कुमार, एडिशनल थानाध्यक्ष बमबम कुमार, एएसआई अरविंद निराला समेत दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे।
कोर्ट के आदेश से बदली तस्वीर
पुलिस सीधे विधायक के फ्लैट पर पहुंची और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। फ्लैट में उस समय वे मौजूद नहीं थे। वहां उनके कुछ करीबी और मित्र मौजूद थे। पुलिस ने उनसे विधायक की मौजूदगी को लेकर सवाल किए। इसी दौरान दोस्तों ने पुलिस टीम को बताया कि इस मामले में कोर्ट से स्टे मिल चुका है। एक करीबी के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 4:15 बजे अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी, जबकि पुलिस टीम लगभग 4:35 बजे फ्लैट पहुंची। करीबियों का कहना है कि पुलिस को जब अदालत के आदेश की जानकारी दी गई, तब टीम ने आगे की कार्रवाई रोक दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसके बाद पुलिसकर्मी वापस लौट गए। सूत्रों के अनुसार, अदालत ने इस मामले में केस डायरी भी मांगी है। अब आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों और जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







