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Bihar Land Survey: बिहार सरकार का बड़ा फैसला, पारिवारिक बंटवारे के बिना भी पूरा होगा भूमि सर्वे, जानें मंत्री दिलीप जायसवाल का पूरा प्लान

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Bihar Land Survey: बिहार में भूमि सर्वे को लेकर एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया गया है। अब अगर परिवार में जमीन का बंटवारा नहीं भी हुआ है, तो भी सर्वे का काम रुकेगा नहीं। सरकार ने साफ कर दिया है कि तय समय पर यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों में जमीन का आपसी बंटवारा नहीं हो पाया है, वहां सर्वे का कार्य पूर्वजों के नाम पर ही दर्ज किया जाएगा, जिनके नाम पर पहले से रिकॉर्ड मौजूद हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लंबित सर्वे कार्यों को मिशन मोड पर पूरा करने की तैयारी कर ली है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सरकार का मानना है कि बिहार में जमीन विवाद कई आपराधिक घटनाओं और हत्याओं की बड़ी वजह बन चुके हैं, इसलिए रिकॉर्ड सुधार और सर्वे को पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है।

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Bihar Land Survey: अब AI से होगी सरकारी जमीन की पहचान

भूमि सर्वे को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इससे सरकारी जमीनों की पहचान आसान होगी और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से व्यवस्थित किया जाएगा। राजस्व विभाग का मानना है कि इस तकनीक से फर्जीवाड़ा और जमीन विवाद कम होंगे, साथ ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की पहचान भी आसानी से की जा सकेगी।

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लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई और लक्ष्य 2027

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में भूमि सर्वे और परिमार्जन कार्य जल्द पूरा करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो अधिकारी काम में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 के अंत तक पूरे बिहार में Bihar Land Survey का काम पूरा कर लिया जाए।

सर्वे में सबसे बड़ी चुनौती पुराने रिकॉर्ड की कमी है। राज्य के लगभग 45 हजार गांवों में से करीब 8 हजार गांवों के कैडेस्ट्रल खतियान गायब बताए जा रहे हैं, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। सरकार ने अब विज्ञापन जारी कर लोगों से पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है। जमीन मालिकों से स्वघोषणा के आधार पर भी जानकारी ली जा रही है। अंचल अधिकारियों को ‘खास महाल’ जमीन से जुड़े मामलों में उच्च अधिकारियों से परामर्श लेने को कहा गया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में भूमि सर्वे और परिमार्जन कार्य जल्द पूरा करने को कहा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि जो अधिकारी इस काम में ढिलाई बरतेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 के अंत तक पूरे बिहार में इस Bihar Land Survey का काम पूरा कर लिया जाए. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

पुराने रिकॉर्ड की चुनौती और ऑनलाइन भू-अभिलेख की व्यवस्था

बिहार में भूमि सर्वे के सामने एक बड़ी चुनौती पुराने रिकॉर्ड्स की कमी है. राज्य के लगभग 45 हजार गांवों में से करीब 8 हजार गांवों के कैडेस्ट्रल खतियान गायब बताए जा रहे हैं. इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों के अभाव से सर्वे कार्य प्रभावित हो रहा है. सरकार ने अब विज्ञापन जारी कर लोगों से पुराने रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है. इसके साथ ही, जमीन मालिकों से स्वघोषणा के आधार पर भी जमीन का विवरण लिया जा रहा है.

  • अंचल अधिकारियों को खास महाल जमीन से जुड़े मामलों में सीधे कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे मामले उच्च अधिकारी देखेंगे.
  • जमीन विवाद कम करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है: अब भू-अभिलेख केवल ऑनलाइन माध्यम से ही उपलब्ध कराए जाएंगे.
  • किसी भी स्थिति में ऑफलाइन रिकॉर्ड जारी नहीं किया जाएगा. सरकार का मानना है कि ऑनलाइन व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी.
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राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई आवेदन लंबित हो गए थे. इसे देखते हुए विभाग ने कर्मचारियों को अतिरिक्त समय तक काम करने का निर्देश दिया है. अब राजस्व कर्मचारी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक और शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अतिरिक्त ड्यूटी करेंगे, ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सके. सरकार इस पूरी प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा करने में जुटी है. देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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अब भू-अभिलेख केवल ऑनलाइन

जमीन विवाद को कम करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अब भू-अभिलेख केवल ऑनलाइन माध्यम से ही उपलब्ध होंगे। किसी भी स्थिति में ऑफलाइन रिकॉर्ड जारी नहीं किया जाएगा। इस ऑनलाइन व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी।

राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई आवेदन लंबित हो गए हैं। इन्हें निपटाने के लिए विभाग ने कर्मचारियों को अतिरिक्त समय तक काम करने का निर्देश दिया है। अब राजस्व कर्मचारी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक और शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अतिरिक्त ड्यूटी करेंगे, ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सके। सरकार इस पूरी प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा करने में जुटी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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