
Bihar Technical Education: बिहार की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की दस्तक सुनाई दे रही है। नवनियुक्त सचिव हिमांशु शर्मा ने विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का कार्यभार संभाल लिया है, और आते ही एक्शन मोड में दिख रहे हैं। अब देखना होगा कि उनकी अगुवाई में राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में क्या नई इबारत लिखी जाती है।

सोमवार को पटना स्थित विभागीय मुख्यालय में हिमांशु शर्मा ने आधिकारिक तौर पर अपना नया कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर निवर्तमान सचिव लोकेश कुमार सिंह ने उन्हें विभाग की सभी चल रही योजनाओं, आगामी कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण फाइलों की विस्तृत जानकारी दी। नए सचिव के स्वागत में विभाग के अपर सचिव सह निदेशक अहमद महमूद सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने गुलदस्ता भेंट कर उन्हें बधाई दी। सरकार ने राज्य के युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के बड़े लक्ष्य के साथ यह प्रशासनिक फेरबदल किया है, ताकि सभी अभियंत्रण महाविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी तथा समयबद्ध बनाया जा सके।
निवर्तमान सचिव ने सौंपे अहम टास्क
पदभार सौंपने के दौरान निवर्तमान सचिव लोकेश कुमार सिंह ने विभाग की अब तक की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने नए सचिव को बताया कि विभाग राज्य के सभी पॉलिटेक्निक संस्थानों और इंजीनियरिंग कॉलेजों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि छात्रों को उद्योगों की वर्तमान मांग के अनुसार कुशल बनाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। निवर्तमान सचिव ने चल रही महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी नए सचिव के साथ साझा की।
Bihar Technical Education में नए सचिव का एक्शन प्लान
कार्यभार संभालते ही नवनियुक्त सचिव हिमांशु शर्मा एक्शन मोड में नजर आए और उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ अपनी पहली परिचय बैठक की। उन्होंने सभी कर्मियों और अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पूरी टीम को पूरी निष्ठा और सकारात्मक सोच के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने साफ किया कि दफ्तरों में काम अटकाने की प्रवृत्ति को छोड़कर फाइलों का त्वरित निष्पादन करना होगा। नए सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी देरी के छात्रों और शोधार्थियों तक पहुंचना चाहिए।
रोजगारपरक शिक्षा और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर
विभागीय समीक्षा के दौरान हिमांशु शर्मा ने राज्य के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक स्तर को और सुधारने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है, इसलिए हमारे पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण के तौर-तरीके भी आधुनिक होने चाहिए। उनका मुख्य जोर इस बात पर रहेगा कि बिहार के तकनीकी संस्थानों से निकलने वाले युवाओं को कैंपस प्लेसमेंट के जरिए सीधे रोजगार मिल सके। इसके लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। छात्रों को उद्योगों की मांग के अनुसार तैयार करने के लिए देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें नए और अपडेटेड पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके लिए वे जल्द ही सभी सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी करने वाले हैं। बिहार Technical Education के बेहतर भविष्य के लिए यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।







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