
Ganga Path: मुंगेर जिले के असरगंज प्रखंड में “जल-जीवन-हरियाली” अभियान के तहत पनसाय बड़ी पोखर का जीर्णोद्धार कार्य करीब ₹46.680 लाख की लागत से पूर्ण किया गया।इस योजना से किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा और आर्थिक मजबूती का लाभ मिलेगा। वहीं, मुंगेर में जल्द ही पटना के मरीन ड्राइव जैसी शानदार सड़क बनने वाली है। प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जमीन पर तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने प्रस्तावित Ganga Path के लिए संभावित रूट का निरीक्षण किया। उनके साथ पटना से आई तकनीकी टीम भी मौजूद थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजना का प्रारंभिक कार्य शुरू हो चुका है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी।
गंगा पथ: पटना की तर्ज़ पर मुंगेर में भी बनेगा ‘मरीन ड्राइव’, DM ने किया रूट का निरीक्षण, जानें पूरा प्लान
गंगा पथ: मुंगेर में गंगा किनारे बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर अब तेजी से काम शुरू हो गया है। हाल ही में, डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर ने पटना से आई तकनीकी टीम के साथ प्रस्तावित रूट का गहन निरीक्षण किया है, जिससे इस परियोजना को लेकर लोगों में नई उम्मीद जगी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती चरण का काम शुरू हो चुका है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी। सोमवार को डीएम और पटना से पहुंची टेक्निकल टीम ने प्रस्तावित गंगा पथ के लिए संभावित रूट का जायजा लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
गंगा पथ: हेरुदियारा से कष्टहरणी घाट तक रूट का जायजा
निरीक्षण के दौरान, डीएम और तकनीकी टीम ने हेरुदियारा से लेकर कर्बला, दोमंठा घाट, कंकर घाट, बेलन बाजार घाट, सोझी घाट, बबुआ घाट और कष्टहरणी घाट तक पूरे क्षेत्र का बारीकी से मुआयना किया। टीम ने जमीन की स्थिति, नदी किनारे की बनावट, संभावित रास्तों और निर्माण की व्यवहारिकता को गहराई से परखा। अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि किस हिस्से में निर्माण आसान होगा और कहां अतिरिक्त तैयारी की आवश्यकता पड़ेगी।
जांच के बाद, डीएम ने बताया कि पूरे निरीक्षण के आधार पर अलाइनमेंट की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी। विभागीय मंजूरी मिलते ही परियोजना की अगली प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रशासन का मानना है कि गंगा पथ बनने से मुंगेर शहर को विकास की नई दिशा मिलेगी, आवाजाही बेहतर होगी और गंगा किनारे का इलाका भी आधुनिक रूप में विकसित हो सकेगा, जिससे मुंगेर का विकास होगा।
बाढ़ सुरक्षा पर भी प्रशासन का जोर: हर साल की तैयारी से बेहतर इंतजाम
गंगा पथ के निरीक्षण के साथ ही, जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी हैं। डीएम ने कई घाटों और तटबंधों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। जहां तटबंध कमजोर दिखे या सुरक्षा व्यवस्था कम लगी, वहां अधिकारियों को तुरंत जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया। प्रशासन का फोकस इस बार बाढ़ आने से पहले तैयारी पूरी करने पर है ताकि लोगों को कम परेशानी हो और मुंगेर का विकास बाधित न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
डीएम ने एडीएम आपदा समेत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्री, सुरक्षित स्थानों की पहचान, तटबंधों की निगरानी और संवेदनशील घाटों पर विशेष नजर रखी जाए। हर साल बाढ़ के दौरान होने वाली दिक्कतों को देखते हुए इस बार पहले से मजबूत तैयारी करने पर जोर दिया गया है। गंगा पथ और बाढ़ सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सक्रियता से लोगों में उम्मीद बढ़ी है कि मुंगेर को आने वाले समय में विकास और सुरक्षा दोनों का फायदा मिल सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Ganga Path का प्रस्तावित रूट और निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और तकनीकी टीम ने हेरुदियारा से लेकर कर्बला, दोमंठा घाट, कंकर घाट, बेलन बाजार घाट, सोझी घाट, बबुआ घाट और कष्टहरणी घाट तक पूरे क्षेत्र का गहनता से जायजा लिया। टीम ने जमीन की स्थिति, गंगा किनारे की बनावट, प्रस्तावित मार्ग और निर्माण की व्यवहार्यता का बारीकी से अध्ययन किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अधिकारियों ने यह आकलन किया कि किस हिस्से में निर्माण कार्य आसान होगा और कहां अतिरिक्त तैयारियां करने की आवश्यकता होगी।
विस्तृत रिपोर्ट और परियोजना का भविष्य
इस विस्तृत जांच के बाद जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे निरीक्षण के आधार पर अलाइनमेंट की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। विभागीय मंजूरी मिलते ही Ganga Path परियोजना की अगली प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रशासन का मानना है कि इस पथ के बनने से मुंगेर शहर को विकास की नई दिशा मिलेगी, आवागमन सुगम होगा और गंगा किनारे का पूरा इलाका आधुनिक रूप में विकसित हो सकेगा।
बाढ़ सुरक्षा पर भी प्रशासन का फोकस
गंगा पथ के निरीक्षण के साथ-साथ, जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ सुरक्षा को लेकर भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी ने विभिन्न घाटों और तटबंधों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। जहाँ कहीं भी तटबंध कमजोर पाए गए या सुरक्षा उपायों में कमी दिखी, वहाँ अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का मुख्य ध्यान इस बार बाढ़ आने से पहले पूरी तैयारी करने पर है, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता (आपदा) सहित सभी संबंधित अधिकारियों को राहत सामग्री की उपलब्धता, सुरक्षित स्थानों की पहचान, तटबंधों की निरंतर निगरानी और संवेदनशील घाटों पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। हर साल आने वाली समस्याओं को देखते हुए इस बार बाढ़ सुरक्षा की मजबूत तैयारी पर जोर दिया जा रहा है। गंगा पथ निर्माण और बाढ़ सुरक्षा को लेकर प्रशासन की इस सक्रियता से मुंगेर के लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में शहर को विकास और बेहतर सुरक्षा दोनों का लाभ मिल पाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





