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Jamui News: मंत्री संजय सिंह की Fuel Saving वंदे भारत यात्रा पर सवाल, क्या सिर्फ दिखावा था ‘ईंधन बचाने’ का संदेश… फिर काफिला?

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Fuel Saving: बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय सिंह ने हाल ही में पटना से जमुई तक वंदे भारत ट्रेन से यात्रा कर ‘ईंधन बचाने’ का संदेश दिया। लेकिन जमुई पहुंचते ही उनका काफिला इंतजार में था, जिससे यह यात्रा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। क्या मंत्री का यह कदम केवल एक दिखावा था या सचमुच वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर हैं?

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मंत्री का ‘ईंधन बचत’ का संदेश

बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय सिंह ने मंगलवार को जमुई जिले के प्रभारी मंत्री बनने के बाद अपनी पहली आधिकारिक यात्रा शुरू की। उन्होंने पटना से जमुई तक वंदे भारत ट्रेन से सफर किया। इस यात्रा के पीछे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से प्रेरित होने का हवाला दिया। पटना से रवाना होने के दौरान उन्होंने कहा कि जब देश तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और पर्यावरणीय संकट का सामना कर रहा है, ऐसे में ईंधन बचत जैसे मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेट्रोल और डीजल की बचत केवल सरकारी नीति नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है। मंत्री संजय सिंह ने आम लोगों से भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का आग्रह किया, इसे समय की जरूरत बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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वंदे भारत से उतरकर काफिले में सवार होने पर उठे सवाल

हालांकि, मंत्री के इस ‘पर्यावरण-अनुकूल’ यात्रा के तुरंत बाद ही कुछ ऐसे घटनाक्रम हुए, जिन्होंने उनकी मंशा पर सवाल खड़े कर दिए। जमुई स्टेशन पहुंचने के बाद मंत्री संजय सिंह ने मीडिया और समर्थकों के बीच फोटोशूट कराया। इसके बाद, ट्रेन यात्रा जारी रखने के बजाय, वे अपने पहले से तैयार वाहन काफिले में बैठकर कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हो गए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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यह भी पढ़ें:  Jamui News: ईंधन बचत: मंत्री संजय सिंह ने दिया अनोखा संदेश, ट्रेन से किया जमुई का सफर

इस घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि मंत्री का उद्देश्य वास्तव में ईंधन बचाना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना था, तो उनके लिए पूरा काफिला सड़क मार्ग से पहले क्यों भेजा गया था? कई नेताओं और विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक दिखावा था, जिससे आम जनता के बीच एक अच्छा संदेश जाए, लेकिन असल में ईंधन और संसाधनों का अपव्यय जारी रहा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

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