
चंदन पांडेय दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। जिला अतिथिगृह लहेरियासराय में राज्य निशक्तता आयुक्त डॉ. शिवाजी कुमार ने प्रेस वार्ता में प्रेस प्रतिनिधियों को दिव्यांग जनों के अधिकार व सरकार की ओर से उनके कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार के हर एक विभाग को अपने बजट का पांच फीसद दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए खर्च करने का प्रावधान है। दिव्यांग जनों को त्वरित न्याय के लिए वकील सहित सभी सुविधाएं निशुल्क दिए जाने का भी प्रावधान है। दिव्यांगता के आधार पर किसी को सरकारी सेवा के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता है। अगर दिव्यांग ता के आधार पर किसी को सुविधा से वंचित किया जाता है तो छह माह से छह वर्ष तक की सजा दोषी व्यक्ति को मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के सरकारी व सार्वजनिक भवनों में रैंप का होना जरूरी है। दिव्यांगजनों को ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य सुविधाओं में भी सरकार की ओर से छूट प्रदान की जाती है। सभी दिव्यांगों को मतदान का अधिकार मिले इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बूथों पर दिव्यांगों के लाने व ले जाने के लिए स्पेशल प्रावधान किए गए हैं। बूथों पर रैंप को अनिवार्य बनाया गया है। निशक्तता आयुक्त ने दिव्यांगों के लिए यूनिक डिसेबिलिटी पहचान पत्र बनाने व सबको यूडी आईडी पोर्टल से जोड़कर सरकारी योजनाओं का लाभ देने को भी कहा। उन्होंने यह भी बताया कि दिव्यांगों से संबंधित मामले को दर्ज करने के लिए पुलिस को दिव्यांगों के घर तक आना होगा। जिला में पुअर होम की जगह एक आलीशान सुविधाओं से युक्त अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के निर्माण के संबंध में किए जा रहे प्रयास की भी उन्होंने जानकारी दी। जन वितरण प्रणाली में भी दिव्यांगों को पांच फीसद का आरक्षण मिलना है।
निशक्तता आयुक्त ने 21 प्रकार के दिव्यांगताओं के बारे में जानकारी दी। बताया कि टेंपोरल बोन डिजीज जनित दिव्यांगता में छह लाख रु के सरकारी अनुदान के भी प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों से शादी करने पर भी सरकार की ओर से कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाते हैं। निशक्तता आयुक्त ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कुटीर उद्योग के लिए तीन श्रेणी में ₹10लाख तक के कम दर पर ऋण के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के संसाधन पर पहला हक दिव्यांग जनों का है। दस दिसंबर को निशक्तता आयुक्त जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व विश्वविद्यालय व बैंक के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसी दिन वे रेलवे स्टेशन बस स्टैंड व मॉल का भी निरीक्षण कर दिव्यांगों को दी जा रही सुविधाओं का आंकलन करेंगे। ग्यारह दिसंबर को अस्पताल के चिकित्सकों व जनप्रतिनिधियों व सिविल सोसायटी के साथ भी उनकी बैठक होगी। चिकित्सा विभाग तथा समाज कल्याण विभाग एवं विधिक सेवा प्राधिकार के साथ भी बैठक होगी। बारह दिसंबर को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र दरभंगा में दिव्यांग जनों के परिवादों की सुनवाई के लिए चलंत लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। चलंत लोक अदालत में दिव्यांग जनों के लिए दिव्यांगता प्रमाणीकरण की भी व्यवस्था होगी।







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