spot_img

Darbhanga News: महिला किसान अब थामेंगी कमान, 55 ‘किसान दीदियां’ बनीं आधुनिक खेतिहर, पढ़िए -वैज्ञानिक इल्म से ‘ ड्रैगन फ्रूट ‘

spot_img
- Advertisement -

महिला किसान सशक्तिकरण: जाले में महिला किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने सिंहवाड़ा प्रखंड की मनकौली पंचायत की 55 ‘किसान दीदियों’ को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के तरीकों से रूबरू कराया, जिसका सीधा मकसद उनकी आय और उत्पादन बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह प्रशिक्षण महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।कृषि विज्ञान केंद्र, जाले में सफलतापूर्वक संपन्न हुए इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में “शक्ति संकुल स्तरीय संघ” से जुड़ी महिला किसानों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण महिला किसान सशक्तिकरण के तहत समेकित कृषि संघ परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया था।Darbhanga News: महिला किसान अब थामेंगी कमान, 55 ‘किसान दीदियां’ बनीं आधुनिक खेतिहर, पढ़िए -वैज्ञानिक इल्म से ' ड्रैगन फ्रूट 'कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर के कुशल मार्गदर्शन में हुआ। प्रशिक्षण की व्यवस्था बीपीआईयू अमित कुमार चौधरी ने संभाली, जबकि प्रशांत कुमार ने समन्वयक की भूमिका निभाई।Darbhanga News: महिला किसान अब थामेंगी कमान, 55 ‘किसान दीदियां’ बनीं आधुनिक खेतिहर, पढ़िए -वैज्ञानिक इल्म से ' ड्रैगन फ्रूट '

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: कमतौल रंगदारी मामला: मारपीट और लूटपाट में राकेश यादव गिरफ्तार

प्रशिक्षण का उद्देश्य और मुख्य बिंदु

इस प्रशिक्षण का प्राथमिक उद्देश्य महिला किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती से परिचित कराना था। इसका लक्ष्य कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के साथ-साथ उनकी आय में वृद्धि करना भी था। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा सहित अन्य वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती, समेकित कृषि प्रणाली, पॉलीहाउस व ग्रीन हाउस तकनीक, मल्चिंग, फ्रूट फ्लाई ट्रैप और मशरूम उत्पादन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, ड्रैगन फ्रूट की खेती जैसे नए कृषि उत्पादों के बारे में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -

आधुनिक तकनीकें और मूल्य संवर्धन

प्रशिक्षण के दौरान किसान दीदियों को कृषि विज्ञान केंद्र के विभिन्न प्रक्षेत्रों का भ्रमण भी कराया गया, जिससे वे सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त कर सकें। अभियांत्रिकी वैज्ञानिक इंजी. निधि कुमारी ने सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। गृह वैज्ञानिक डॉ. पूजा कुमारी ने फलों और सब्जियों के मूल्य संवर्धन के तरीकों पर जानकारी दी, जिससे किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें। प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ. चंदन कुमार ने जैविक एवं टिकाऊ खेती के महत्व को समझाया, जो पर्यावरण और दीर्घकालिक कृषि के लिए आवश्यक है। शशिमाला कुमारी ने मिट्टी एवं पत्ती जांच के लाभों को बताया, जिससे सही उर्वरक का चुनाव और मिट्टी का स्वास्थ्य बनाए रखा जा सके।यह कार्यक्रम महिला किसान सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसने प्रतिभागियों को अपने कृषि कार्यों में नई ऊर्जा और ज्ञान से भर दिया। प्रशिक्षण में शामिल सभी किसान दीदियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

जीतन राम मांझी धमकी VIDEO: केंद्रीय मंत्री को धमकी देने वाले की हुई पहचान, पढ़िए – सरदार की खोज

जीतन राम मांझी धमकी वीडियो: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम...

Patna Car Accident: मुख्यमंत्री सचिवालय के बाहर भीषण सड़क हादसा, दो कारों के परखच्चे उड़े!

Patna Car Accident: पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय के पास गुरुवार दोपहर बड़ा सड़क हादसा...