
Benipur Protest: बेनीपुर नगर परिषद में चल रही धांधली और भ्रष्टाचार से आजिज आ चुके वार्ड पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार से कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है, जिसमें कई पार्षद और उनके प्रतिनिधि शामिल हैं। यह विरोध नगर परिषद में व्याप्त कथित अनियमितताओं के खिलाफ है।
अनियमितता के आरोप और जांच की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता और पार्षद प्रतिनिधि आशीष रंजन दास उर्फ बीपी सिंह के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी और विभागीय अधिकारियों को आवेदन देकर विभिन्न अनियमितताओं की जांच की मांग की थी। इस आवेदन के बाद, अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था, जिसे एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। लेकिन, जांच समिति द्वारा भी जांच में देरी होने के कारण पार्षदों ने 21 मई से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की घोषणा की थी।
मुख्य मांगें और पार्षदों का आक्रोश
गुरुवार को वार्ड संख्या 27 के पार्षद संतोष पंडित के नेतृत्व में यह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारंभ हुआ। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में शामिल हैं:
- लंबित आवास लाभार्थियों का तत्काल भुगतान।
- नए आवासों का शीघ्र आवंटन।
- नल-जल योजना की समस्याओं का त्वरित समाधान।
- पूर्व में लगाए गए सबमर्सिबल की गुणवत्ता और स्थापना की जांच।
- सड़क और नाला निर्माण में कथित अनियमितता की जांच।
- जेम पोर्टल के माध्यम से जल-नल योजना तथा विद्युत सामग्री की आपूर्ति और वाहन मरम्मत से संबंधित व्यय का ऑडिट।
- नगर परिषद की रोकड़ बही को सार्वजनिक करना।
सामाजिक कार्यकर्ता और पार्षद प्रतिनिधि बीपी सिंह ने बताया कि नगर परिषद में वाहन और अन्य मरम्मत कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर लूट-खसोट की गई है और सामान आपूर्ति में व्यापक कमीशनखोरी हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इन मामलों की जांच नहीं हो जाती, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर, वार्ड पार्षद मिथिलेश यादव और मधु देवी सहित अन्य पार्षदों का आरोप है कि नगर परिषद के पदाधिकारी अनियमितताओं की शिकायत के लिए फोन भी नहीं उठाते हैं, समाधान तो दूर की बात है।
Benipur Protest: आखिर क्यों स्थगित हुआ धरना?
पार्षदों का कहना है कि मुख्य पार्षद और सशक्त स्थायी समिति के माध्यम से नगर परिषद के अधिकारी सरकारी राशि की लूट-खसोट करते रहे हैं, और उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई या जांच नहीं होती। वे इस आंदोलन के लिए विवश हुए हैं। दूसरी ओर, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी श्रीमती प्रथम पुष्पांकर ने देर शाम जानकारी दी कि पार्षदों के साथ समुचित वार्ता के बाद धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







