
Petrol Diesel Price Hike: महंगाई की मार झेल रही जनता पर एक बार फिर बोझ बढ़ गया है। ईंधन कंपनियों ने एक महीने के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा कर दिया है। इस बढ़ोतरी से आम लोगों का बजट बिगड़ना तय है।
नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। यह इस महीने की तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले, इसी सप्ताह 90 पैसे और कुछ दिन पहले करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई थी। लगातार हो रही यह Petrol Diesel Price Hike परिवहन लागत को बढ़ाएगी, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Petrol Diesel Price Hike: अब कितने में मिलेगा पेट्रोल-डीजल?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये से बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 91.58 रुपये से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है। दिल्ली के ईंधन डीलरों ने भी इस बदलाव की पुष्टि की है। देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं।
प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के नए दाम (23 मई की स्थिति के अनुसार):
- दिल्ली: पेट्रोल 99.51 रुपये/लीटर (+0.87), डीजल 92.49 रुपये/लीटर (+0.91)
- कोलकाता: पेट्रोल 110.64 रुपये/लीटर (+0.94), डीजल 97.02 रुपये/लीटर (+0.95)
- मुंबई: पेट्रोल 108.49 रुपये/लीटर (+0.90), डीजल 95.02 रुपये/लीटर (+0.94)
- चेन्नई: पेट्रोल 105.31 रुपये/लीटर (+0.82), डीजल 96.98 रुपये/लीटर (+0.87)
तेल कंपनियों को क्यों उठाना पड़ रहा है नुकसान?
सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बताया जा रहा है कि कंपनियां हर महीने करीब 1000 करोड़ रुपये का भार सहन कर रही थीं। यही वजह है कि अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम के अनुसार घरेलू कीमतों में भी बदलाव किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कच्चे तेल के दाम में बड़ा उछाल
गौरतलब है कि साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक बाजार में तेल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। उस समय उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए रोजाना होने वाले ईंधन मूल्य संशोधन को रोक दिया गया था। हालांकि अब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे तेल के दाम फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत का कच्चा तेल बास्केट फरवरी में करीब 69 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब बढ़कर लगभग 113 से 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में वृद्धि का सीधा असर देश में पेट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







