
बिहार चीनी मिल: बिहार में चीनी उद्योग को फिर से पटरी पर लाने और किसानों की किस्मत बदलने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत ‘समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत न सिर्फ बंद पड़ी मिलें फिर से शुरू होंगी, बल्कि 25 नई चीनी मिलें भी स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
बिहार सरकार ‘समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य में चीनी उद्योग एवं गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। गन्ना उद्योग विभाग इसके लिए व्यापक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर रहा है। विभाग नई चीनी मिलों की स्थापना, निवेश प्रोत्साहन, तकनीकी सहयोग, गन्ना क्षेत्र विस्तार और किसानों की आय वृद्धि पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी पहल की निगरानी एवं क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न परियोजनाओं एवं निवेश प्रस्तावों की नियमित समीक्षा कर रही है। यह पहल राज्य के समग्र औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बंद मिलों के पुनरुद्धार की कवायद
राज्य सरकार एवं सहकारिता विभाग ने राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ (एनएफसीएसएफ), नई दिल्ली के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते के अंतर्गत बंद पड़ी सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों की तकनीकी एवं आर्थिक संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन कराया गया है। एनएफसीएसएफ द्वारा दोनों चीनी मिलों की संभाव्यता फिजिब्लिटी रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों के पुनः संचालन हेतु इंडियन पोटाश लिमिटेड से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि इन ऐतिहासिक चीनी मिलों के पुनरुद्धार से मिथिलांचल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गन्ना किसानों को बेहतर बाजार एवं आर्थिक मजबूती प्राप्त होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। चनपटिया चीनी मिल से संबंधित मामला वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और राज्य सरकार इसके त्वरित निष्पादन के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्य सचिव, बिहार ने भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई हेतु अनुरोध किया था, जिस पर मंत्रालय द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
बिहार में 25 नई चीनी मिलों का खाका
बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके लिए मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, समस्तीपुर, गया, शिवहर, सीवान, रोहतास, मोतिहारी, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्णिया, वैशाली, सारण, नवादा, बक्सर, भोजपुर, बेगूसराय, खगड़िया, जमुई, भागलपुर, नालंदा, बांका, मधेपुरा, मधुबनी एवं दरभंगा सहित विभिन्न जिलों में उपयुक्त भूमि चिन्हित करने हेतु संबंधित जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। नवादा, पूर्वी चंपारण एवं सारण जिलों से प्रारंभिक प्रतिवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
निवेशकों को आकर्षित करने की नई नीति
इसके साथ ही बिहार राज्य गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 तैयार की जा रही है, जिससे राज्य में निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। नई नीति में निवेशकों को अधिक आकर्षक प्रोत्साहन, आधारभूत संरचना सहयोग एवं उद्योग स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष बल दिया गया है। विभाग लगातार देश-विदेश के संभावित निवेशकों के संपर्क में है तथा शीघ्र ही एक निवेशक सम्मेलन आयोजित करने की योजना है। यह नीति राज्य के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करेगी और नई पूंजी निवेश के अवसर खोलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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