
चेतन आनंद: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी दांव चला गया है। नीतीश सरकार ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) विधायक चेतन आनंद को राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का सदस्य नियुक्त कर उप मंत्री का दर्जा दे दिया है। इसे आनंद मोहन के समर्थकों को साधने की एक सोची-समझी रणनीति माना जा रहा है।
बिहार सरकार ने हाल ही में राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का पुनर्गठन किया था। इस समिति के सदस्यों को उप मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है, और अब उन्हें इसमें शामिल कर कैबिनेट में एंट्री की अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया गया है, लेकिन एक महत्वपूर्ण पद दे दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी इसके कार्यकारी अध्यक्ष हैं। चेतन आनंद के अलावा, कई अन्य विधायकों और प्रभावशाली नेताओं को भी इस समिति में जगह मिली है।
चेतन आनंद को मिली डिप्टी मंत्री की कुर्सी
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पिछले काफी समय से चेतन आनंद की कैबिनेट में एंट्री की चर्चाएं गर्म थीं। हालांकि, उन्हें सीधा कैबिनेट मंत्री न बनाकर, उप मंत्री के दर्जे वाली समिति में शामिल किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण सियासी संदेश देता है।
आनंद मोहन की नाराजगी और सरकार का दांव
इस फैसले को राजनीतिक गलियारों में ‘ऑपरेशन नाराजगी’ को समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। दरअसल, पिछले कुछ समय से आनंद मोहन और उनके समर्थक जेडीयू नेतृत्व से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। आनंद मोहन के सार्वजनिक बयानों में कई बार जेडीयू पर तीखे हमले भी देखने को मिले थे। ऐसे में चेतन आनंद को यह जिम्मेदारी देकर सरकार ने उस नाराजगी को कम करने का प्रयास किया है और एनडीए सरकार में सत्ता के आंतरिक संतुलन को बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा भी इसे माना जा रहा है।
चेतन आनंद शेखपुरा जिले की नवीनगर सीट से जेडीयू विधायक हैं। उनके पिता आनंद मोहन बिहार की राजनीति में एक दबदबे वाले चेहरे माने जाते हैं और उनके बड़े समर्थक वर्ग को साधने की कोशिश इस फैसले के पीछे साफ दिख रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







