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Bihar Heatwave: बिहार में बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन से निपटने को सरकार का बड़ा प्लान, बनेगा ‘पर्यावरण फंड’

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Bihar Heatwave: बिहार में बढ़ती गर्मी अब सिर्फ मौसम की बात नहीं रही, बल्कि सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। पारा जिस तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, उससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। अब नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा, जिससे ‘पर्यावरण फंड’ बनाया जाएगा।

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बिहार में क्यों बढ़ रही गर्मी की चिंता?

पटना सहित राज्य के कई जिलों में तापमान लगातार 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार में गर्मी का असर हर साल तेज हो रहा है और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव अब केवल चर्चा का विषय नहीं रहा, बल्कि आम लोगों की ज़िंदगी पर साफ दिख रहा है। कई दिनों से चल रही गर्म हवाएँ लोगों को परेशान कर रही हैं और दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अभी से तैयारी नहीं की गई तो बिहार में भी दूसरे राज्यों जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है, जहाँ तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है।

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बिहार हीटवेव: नई रणनीति और फंड का उद्देश्य

राज्य सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए ‘बिहार एनवायरनमेंट फंड’ बनाने का फैसला लिया है। इस फंड को मजबूत करने के लिए नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त सेस लगाया जाएगा। यह पैसा सीधे ‘क्लाइमेट फंड’ में जमा होगा और इसका उपयोग जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यों में किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के अलग-अलग विभागों से भी 0.25 प्रतिशत सेस इस फंड में लिया जाएगा।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी वाहन का रजिस्ट्रेशन अमाउंट 10 लाख रुपये है, तो खरीददार को लगभग 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं। इस फंड का इस्तेमाल हरियाली बढ़ाने, जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और Bihar Heatwave के असर को कम करने वाली योजनाओं में किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नए प्रोजेक्ट भी इसी राशि से पूरे किए जाएंगे।

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‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान और आगे की रणनीति

डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने बताया कि पर्यावरण को लेकर काम साल 2019 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के साथ ही शुरू हो गया था। उस समय चौधरी विधानसभा अध्यक्ष थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान का सकारात्मक असर अब दिखने लगा है; कई इलाकों में भूजल स्तर बेहतर हुआ है और पानी की उपलब्धता पहले से सुधरी है। सरकार अब इसी अभियान को अगले चरण में ले जाने की तैयारी में है, जिसके तहत यह नया ‘पर्यावरण फंड’ बनाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से भी पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की।

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