
जल संकट: भीषण गर्मी में पानी की समस्या ने चंगेरी गांव के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। नल जल योजना की बदहाली और पंप के मोटर जल जाने से ग्रामीण हफ़्तों से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। इसी मुद्दे पर रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
बाराहाट के चंगेरी गांव में हर घर नल जल योजना की स्थिति संतोषजनक नहीं है। गांव में पेयजल की गंभीर समस्या हमेशा से रही है, लेकिन इस भीषण गर्मी ने इसे और बढ़ा दिया है। जलस्तर काफी नीचे चला गया है और विभाग की उदासीनता से ग्रामीण आक्रोशित हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। रविवार को दो दर्जन से अधिक पुरुष-महिलाओं ने एकजुट होकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और अव्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया।
चंगेरी में जल संकट का मुख्य कारण क्या है?
यह मामला मिर्ज़ापुर पंचायत के चंगेरी गांव से जुड़ा है, जहाँ पंचायत भवन के पास लगा पंप का मोटर अचानक जल गया। इसके कारण पिछले एक सप्ताह से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे चंगेरी के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 की आधी आबादी पानी की किल्लत झेल रही है। यह जल संकट अब विकराल रूप ले चुका है। पिछले रविवार से ही प्रभावित लोगों की दिनचर्या बुरी तरह अस्त-व्यस्त है। रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए पेयजल की व्यवस्था न होने से लोग सार्वजनिक हैंडपंपों और आसपास के घरों में लगे निजी सबमर्सिबल पर निर्भर हो गए हैं। कई जगहों पर सुबह से ही हैंडपंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहाँ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बर्तन लेकर अपनी बारी का इंतज़ार करते हैं।
ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस मौसम में पानी की किल्लत ने उनकी कठिनाइयों को कई गुना बढ़ा दिया है। ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बाद भी विभाग पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा, जिससे उनमें भारी निराशा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
प्रदर्शन में दशरथ शर्मा, सुरेंद्र सिंह, रामभज्जो शर्मा, संतोष मेहता, मुन्नी शर्मा, राजकुमार बगवै, फूलन देवी, मीरा देवी और पूनम देवी सहित दो दर्जन से अधिक महिला-पुरुष उपस्थित थे।
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