
किशनगंज एयरपोर्ट: सीमांचल के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! बिहार सरकार ने किशनगंज एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए 24.70 एकड़ भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए ₹5 करोड़ 45 लाख से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। यह कदम क्षेत्र के हवाई संपर्क को मजबूत करेगा और बड़े विमानों के संचालन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सिविल विमानन विभाग के अपर सचिव अखिलेश कुमार सिंह द्वारा 21 मई, 2026 को जारी आदेश के तहत यह स्वीकृति प्रदान की गई है। इस ऐतिहासिक फैसले से किशनगंज जिले में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह भूमि अधिग्रहण एयरपोर्ट के पूर्व और पश्चिम दोनों दिशाओं में होगा।
किशनगंज एयरपोर्ट: कितनी भूमि का होगा अधिग्रहण?
जारी आदेश के अनुसार, किशनगंज एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए कुल 24.70 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें पूर्व दिशा में 700 मीटर लंबाई और 100 मीटर चौड़ाई में 17.29 एकड़ भूमि तथा पश्चिम दिशा में 300 मीटर लंबाई और 100 मीटर चौड़ाई में 7.41 एकड़ भूमि शामिल है। इस भूमि में रैयती जमीन के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) की भूमि भी शामिल है। जिलाधिकारी, किशनगंज के 16 दिसंबर, 2024 के प्रस्ताव के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
अंचल अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिसूचित एमवीआर दर पर आवासीय विकासशील श्रेणी में मुआवजा राशि का आकलन किया गया है। सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए, राशि को वित्तीय वर्ष 2026-27 में नागर विमानन विभाग के बजट मद 5302-भू-अर्जन से जारी करने का निर्णय लिया है। स्वीकृत राशि का उपयोग केवल रनवे विस्तार परियोजना के लिए ही किया जाएगा; किसी अन्य मद में इसका उपयोग अनुमेय नहीं होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
राशि का उपयोग और भविष्य की उम्मीदें
उपयोगिता प्रमाण पत्र और व्यय विवरणी निर्धारित समय के भीतर महालेखाकार और संबंधित विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। सिविल विमानन विभाग ने भू-अर्जन पदाधिकारी, किशनगंज के पीडी/पीएल (PD/PL) खाते में राशि हस्तांतरित करने की भी स्वीकृति दे दी है। इसके लिए ‘प्रोजेक्ट फॉर द एक्सटेंशन ऑफ द रनवे ऑफ किशनगंज एयरपोर्ट’ नामक खाते में राशि भेजी जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब सीमांचल क्षेत्र में हवाई संपर्क को मजबूत करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। रनवे विस्तार के बाद भविष्य में बड़े विमानों के संचालन की संभावना बढ़ेगी, जिससे किशनगंज समेत पूरे सीमांचल क्षेत्र के विकास, पर्यटन, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।







