
पटना के दो थानेदार सस्पेंड, SSP ने वायरल वीडियो पर लिया सख्त फैसला
Patna Police Suspension: पटना पुलिस में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में पटना SSP ने पंचमहला और हाथीदह के थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इन अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दीं।यह पूरा मामला Patna Police Suspension को लेकर प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या है पूरा मामला और क्यों हुए सस्पेंड?
दरअसल, छापा मारने गई पटना पुलिस को खुद ही तलाशी देनी पड़ी, वो भी लाइन में लगकर। नाबालिग जैसे दिखने वाले एक लड़के ने एक-एक पुलिसवालों की गेट पर तलाशी ली। वर्दी पर दो-दो तीन-तीन स्टार सजाए नौजवान पुलिसवाले अपनी-अपनी कमर की तलाशी देते रहे और कंधे पर एके-47 जैसी दिखने वाली रायफलें टंगी रही। दो-दो थानों की टीम एक गैंगस्टर के घर उसे खोजबीन करने पहुंची थी।
इसमें महिला पुलिसवालों को भी ले जाया गया था। यह घटना 23 मई की शाम की है, जब सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान गोलीबारी की भी खबर सामने आई, जिसके बाद पंचमहला थाने में केस दर्ज कराया गया था। कांड के तहत दर्ज इस मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और अवैध हथियारों की बरामदगी के लिए पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार और हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार की संयुक्त टीम ने छापेमारी अभियान चलाया था।छापेमारी के दौरान जब पुलिस टीम बाढ़ अनुमंडल के पंचमहला थाना क्षेत्र स्थित नौरंगा जलालपुर गांव में आरोपी सोनू कुमार और कुख्यात अपराधी मोनू कुमार के घर पहुंची, तो दोनों फरार मिले। इस बीच, वहां मौजूद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान पूरी घटना का एक वीडियो बना लिया गया, जो अगले ही दिन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
Patna Police Suspension: वायरल वीडियो ने खोली पोल
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक महिला आरोपी सोनू कुमार के भाई और कुख्यात अपराधी मोनू कुमार से पंचमहला थानाध्यक्ष की फोन पर बात करा रही थी। इससे भी चौंकाने वाली बात यह थी कि पुलिसकर्मी वहां मौजूद लोगों के सामने कतार में खड़े होकर अपनी तलाशी देते नजर आए। पुलिस की इस गैर-पेशेवर कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे और विभाग की खूब फजीहत हुई।एक-एक पुलिसवालों की तलाशी के बाद गंजी और हाफ पैंट पहने नाबालिग जैसे दिखने वाले एक लड़के ने इन्हें दरवाजे के भीतर ले गया। इसी में एक आदमी कह रहा था कि जिसकी चेकिंग नहीं हुई है, वो घर के भीतर नहीं जाएगा। करीब दो दर्जन पुलिसवाले सहमे-सहमे दिख रहे थे। गेट पर इनका वीडियो भी बनाया जा रहा था।यह घटना और इससे जुड़ी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर पटना SSP ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने आदेश जारी करते हुए कहा कि किसी वांछित अपराधी के घर छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा खुद की तलाशी देना और अपराधी पक्ष से फोन पर बातचीत करना बेहद आपत्तिजनक है। इससे आम लोगों के बीच पुलिस की छवि खराब होती है। SSP ने जोर देकर कहा कि पुलिस कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जिससे अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास पैदा हो।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
एसएसपी का सख्त एक्शन और विभागीय कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बाढ़-1 की रिपोर्ट के आधार पर पटना SSP ने पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार और हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। SSP ने बताया कि अधिकारियों की कार्यशैली में `कर्तव्य में लापरवाही`, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता स्पष्ट दिखाई दी। इसी कारण दोनों को निलंबित किया गया। निलंबन अवधि के दौरान दोनों पदाधिकारियों का मुख्यालय नवीन पुलिस केंद्र, पटना निर्धारित किया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। SSP ने साफ किया कि ऐसी `कर्तव्य में लापरवाही` पुलिस की छवि धूमिल करती है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







